विदेश की खबरें | ट्रंप को लिखे पत्र में कोलंबिया के राष्ट्रपति ने अमेरिका के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सफाई दी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

यह गोपनीय पत्र 23 जून को भेजा गया जो सोमवार को कोलंबिया के मीडिया में लीक हो गया।

अमेरिका और कोलंबिया के बीच रिश्ते 1990 के दशक के बाद इस वक्त सबसे खराब दौर में हैं जब अमेरिका ने एक कोलंबियाई राष्ट्रपति का वीजा इसलिए रद्द कर दिया था क्योंकि उनके चुनाव प्रचार के लिए मादक पदार्थ तस्करों द्वारा धन देने का आरोप था।

राष्ट्रपति पेट्रो पत्र में 11 जून को दिए गए अपने भाषण से पीछे हटते दिखाई दिए। उस भाषण में उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो पर उनकी सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था।

पेट्रो ने अपने भाषण में कहा था कि ‘‘एक पड़ोसी देश के राष्ट्रपति’’ ने उन्हें बताया कि मार्को रुबियो उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।

पेट्रो ने पत्र में लिखा, ‘‘मेरे किसी भी बयान को अगर कोलंबिया में तख्तापलट की साजिश रचने का सीधा आरोप समझा गया हो तो स्पष्ट कर दूं कि मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। मेरा इरादा न ही बिना किसी सबूत के किसी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना था और न ही अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाना था।’’

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दोनों राष्ट्रपतियों को अमेरिका-लैटिन शिखर सम्मेलन का नेतृत्व करना चाहिए।

‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने सोमवार को कहा कि उन्हें नहीं पता कि ट्रंप ने वह पत्र देखा है या या नहीं।

सोमवार को पत्र मीडिया में लीक होने के बाद पेट्रो ने फिलहाल इस पर कोई बयान नहीं दिया है। हालांकि, कोलंबिया की विदेश मंत्री लौरा सराबिया ने पुष्टि की कि पिछले महीने दोनों देशों के बीच संबंधों को ‘‘मजबूत’’ करने के प्रयास के तहत पत्र लिखा गया था।

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