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जरुरी जानकारी | आवक घटने से सरसों तेल-तिलहन में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मंडियों में सरसों की आवक घटने के बीच मंगलवार को देश के तेल-तिलहन बाजारों में सरसों तेल-तिलहन कीमतों में मजबूती रही। खाद्य तेलों की कम आपूर्ति के बीच सोयाबीन तेल तथा कपास की आवक घटने के बीच बिनौला तेल कीमतों में भी मजबूती रही। वार्षिक लेखा-जोखा बंद करने का समय नजदीक होने के कारण कारोबारी गतिविधियां सुस्त रहने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।

जरुरी जानकारी | आवक घटने से सरसों तेल-तिलहन में सुधार

नयी दिल्ली, 26 मार्च मंडियों में सरसों की आवक घटने के बीच मंगलवार को देश के तेल-तिलहन बाजारों में सरसों तेल-तिलहन कीमतों में मजबूती रही। खाद्य तेलों की कम आपूर्ति के बीच सोयाबीन तेल तथा कपास की आवक घटने के बीच बिनौला तेल कीमतों में भी मजबूती रही। वार्षिक लेखा-जोखा बंद करने का समय नजदीक होने के कारण कारोबारी गतिविधियां सुस्त रहने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो एक्सचेंज में मामूली सुधार है जबकि मलेशिया एक्सचेंज में मामूली गिरावट है।

सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक घटकर लगभग साढ़े सात लाख बोरी की रह गई जो शनिवार को लगभग सवा ग्यारह लाख बोरी की हुई थी। आवक घटने का कारण किसानों की यह उम्मीद हो सकती है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों की खरीद जल्द से जल्द कर सकती है। इस तथ्य के मद्देनजर सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार रहा।

उन्होंने कहा कि देश में खाद्य तेलों की आपूर्ति पाइपलाइन अभी दुरुस्त नहीं हुई है और आपूर्ति की कमी की स्थिति बनी हुई है। डीओसी की कमजोर मांग से सोयाबीन तिलहन पूर्ववत रहे जबकि आपूर्ति कमजोर रहने से सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार रहा। बिनौला की भी आवक घटी है जिससे इसके तेल कीमतों में सुधार है।

सूत्रों ने कहा कि भारतीय कपास संघ (सीसीआई) ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों से कपास की खरीद के आंकड़े जारी किये हैं। लेकिन असल दिक्कत तो पेराई मिलों को हो रही है कि जब तक बिनौले तेल जैसे देशी तेलों का बाजार नहीं होगा यानी बाजार में सस्ते आयातित खाद्य तेलों का थोक भाव खाद्य तेलों के बाजार की कीमतों को चरमरा दे, तो यह तेल खपेगा कहां? इस तेल को खरीदने वाला कौन होगा? किसानों को उनकी लागत के पैसे जरूर मिल जायेंगे पर पेराई मिलों की मुसीबत कौन हल करेगा? बिनौले से सबसे अधिक मवेशी आहार में उपयोग होने वाली खली निकलती है लेकिन नकली बिनौला खली का कारोबार बढ़ रहा है। इस नकली खली को पेराई मिलों से मिलने वाली खली से कम दाम पर बेचा जा रहा है तो पेराई मिलों की खली कहां खपेगी?

वार्षिक खाताबंदी के कारण कारोबारी गतिविधियों में सुस्ती के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन, सीपीओ और पामोलीन के भाव पूर्वस्तर पर रहे। आगे जाकर नवरात्र और शादी-विवाह के सीजन की मांग बढ़ने की संभावना है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,300-5,340 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,080-6,355 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,800 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,225-2,500 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,725-1,825 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,725 -1,840 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,525 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,325 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,025 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 9,100 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,350 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,300 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,300 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,555-4,575 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,355-4,395 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,075 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 26, 2024 07:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).