नयी दिल्ली, 18 सितंबर वित्त मंत्रालय ने कहा कि आयातकों को मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के तहत सीमा शुल्क की रियायती दर का लाभ लेने के लिये सोमवार से किसी भी वस्तु का आयात करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि अयातित सामान जिस जगह से आयात किया जा रहा है वह निर्धारित मापदंड को पूरा कर रहा है या नहीं।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि सीमा शुल्क (व्यापार समझौतों के अंतर्गत नियमों का प्रशासन) नियम 2020 (सीएआरओटीएआर, 2020) के संबंध में 21 अगस्त, 2020 को अधिसूचना जारी की गई थी। यह 21 सितंबर 2020 से अमल में आएगी।
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इन्हें जानने समझने के लिये आयातकों और अन्य को 30 दिनों का समय दिया गया था।
बयान के अनुसार, ‘‘आयातक को किसी भी वस्तु का आयात करने से पहले अपेक्षित सतर्कता दिखते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि जिस जगह से आयात किया जा रहा है वह निर्धारित मापदंड को पूरा कर रहा है या नहीं। सामान्य दिशा निर्देशों के साथ-साथ आयातकों के उपयोग हेतु संक्षिप्त जनकारियों की सूची को भी इन नियमों में शामिल किया गया है।’’
साथ ही आयातक को अब वस्तु उत्पति प्रमाण पत्र में उपलब्ध ‘बिल ऑफ एंट्री’ में वस्तु उत्पादन स्थल के संबंध में भी सूचनाएँ देनी होंगी।
नए नियमों से उत्पादक देश के बारे में पता लगाने के साथ ही सीमा शुल्क में छूट के दावों में आसानी होगी और एफटीए के अंतर्गत सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा सहज अनुमति में सहूलियत होगी।
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