मुंबई, 10 जुलाई जल्द ही स्टंट आधारित रियेलिटी शो “खतरों के खिलाड़ी” में नजर आने वाली अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी का मानना है कि एक कलाकार के लिये यह महत्वपूर्ण है कि वह करियर में ठहराव से बचने के लिये अपने सुविधा क्षेत्र से बाहर निकलकर काम करे।
हाल के वर्षों में त्रिपाठी दैनिक धारावाहिकों से अलग हटकर विभिन्न रियेलिटी शो में भी नजर आई हैं।
भोपाल की रहने वाली 36 वर्षीय अभिनेत्री ने ऑल इंडिया रेडियो पर बतौर एंकर अपने करियर की शुरुआत की थी लेकिन उन्हें प्रसिद्धि 2006 में आए धारावाहिक “बनूं मैं तेरी दुल्हन” से मिली।
इसके बाद उन्होंने भय-रोमांच मिश्रित शो “श्श्श्श…फिर कोई है” के दूसरे सीजन में अभिनय किया। इसके अलावा वह हास्य धारावाहिक “मिसेज एंड मिस्टर शर्मा इलाहाबादवाले” में नजर आईं। त्रिपाठी ने इसके बाद “जोर का झटका: टोटल वाइपआउट” और “कॉमेडी सर्कस” जैसे रियेलिटी शो में भी हाथ आजमाया।
त्रिपाठी ने “ये है मोहब्बतें” से टीवी धारावाहिक में वापसी की, जिसमें उन्होंने छह सालों से भी ज्यादा समय तक डॉ. इशिता भल्ला का किरदार निभाया।
इस धारावाहिक के 2019 में खत्म होने के बाद अभिनेत्री ने “नच बलिये”, “द वॉयस” जैसे रियेलिटी शो में काम किया और अब वह “खतरों के खिलाड़ी” में नजर आएंगी।
त्रिपाठी ने ‘पीटीआई-’ को एक साक्षात्कार में बताया, “मुझे 15 साल हो गए हैं और एक समय के बाद आप को ठहराव लगने लगता है। मैं चीजों को नए सिरे से करने और उनमें कुछ नया करने में विश्वास रखती हूं। मैंने जब ‘बनूं मैं तेरी दुल्हन’ खत्म किया तो हर कोई मुझे आदर्श बहू की भूमिका की पेशकश कर रहा था। मेरे साथ यह छवि जुड़ गई थी।”
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY