देश की खबरें | आईएमए, केजीएमओए ने ऑपरेशन थिएटर में लंबी आस्तीन की जैकेट पहनने की महिला डॉक्टरों की मांग खारिज की

तिरुवनंतपुरम, जून 29 इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सहित कई चिकित्सीय संगठनों ने ऑपरेशन थिएटर में लंबी आस्तीन वाली जैकेट और ‘सर्जिकल हुड’ पहनने की मुस्लिम एमबीबीएस छात्राओं के एक समूह की मांग पर बृहस्पतिवार को कड़ी आपत्ति जताई।

आईएमए ने कहा कि अस्पताल और ऑपरेशन थिएटर में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण व्यक्ति मरीज होता है और उनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य मौजूद ‘प्रोटोकॉल’ का पालन किया जाना चाहिए।

केरल गर्वमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (केजीएमओए) ने भी इसी प्रकार के विचार साझा करते हुए कहा कि इस तरह के अनुरोध को मंजूरी देना वैज्ञानिक और नैतिक रूप से गलत होगा।

आईएमए के राज्य अध्यक्ष डॉ. सुल्फी नोहू ने कहा कि एसोसिएशन मौजूदा दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही चलना चाहता है।

उन्होंने कहा, ‘‘दुनियाभर के अस्पताल और ऑपरेशन थिएटर में मरीज को सबसे महत्वपू्र्ण माना जाता है। मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जगहों पर अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है ताकि उन्हें संक्रमित होने से बचाया जा सके।’’

केजीएमओए के अध्यक्ष डॉ. सुरेश टीएन का कहना है कि ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए एक तंत्र होता है और वैज्ञानिक पहलू के लिहाज से उस प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए।

संक्रमण को दूर रखने की प्रक्रिया के तहत बार-बार हाथ धोने चाहिए और थिएटर में हमेशा दस्ताने पहनने चाहिए।

उन्होंने पीटीआई- से कहा, ‘‘इस तरह के हालात में, लंबी आस्तीन वाली जैकेट, जैसा छात्राएं मांग कर रही हैं, मरीजों की सुरक्षा के मद्देनजर मंजूर नहीं की जा सकती हैं। ये वैज्ञानिक और नैतिक रूप से सही नहीं है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)