देश की खबरें | आईआईएम अहमदाबाद ने लुइस कान की डिजाइन वाली इमारतों को गिराने का फैसला वापस लिया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

अहमदाबाद, एक जनवरी भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद ने 1960 के दशक में अमेरिकी वास्तुकार लुइस कान द्वारा डिजाइन की गई 14 ‘डॉरमेट्री’ को ध्वस्त करने के प्रस्ताव को वापस ले लिया है।

प्रबंधन संस्थान ने कहा है कि कुछ हितधारकों ने ‘डॉरमेट्री’ को ध्वस्त कर नए भवन बनाने पर आपत्ति जतायी है इसलिए वह विकल्पों को खंगालेगा और आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।

आईआईएम अहमदाबाद के संचालक मंडल ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि ‘कुछ हितधारकों ने छात्रों की ‘डॉरमेट्री’ को ध्वस्त किए जाने और इसके स्थान पर नई ईमारत बनाने को लेकर आपत्ति जतायी है। नए भवन के निर्माण के लिए कंपनियों से आवेदन मंगाए गए थे।

बयान में कहा गया, ‘‘इसलिए हम इस प्रकिया को रोक रहे हैं। हम मिली प्रतिक्रिया पर चर्चा करेंगे और विकल्पों पर गौर करेंगे। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ढांचा संरक्षण विशेषज्ञों की सेवाएं लेंगे और फैसला करेंगे। संस्थान इस बारे में बाद में सूचित करेगा।’’

प्रबंधन संस्थान के पूर्व छात्रों, भारत और विदेश के वास्तुकारों के संगठनों और कान के परिवार के सदस्यों ने भी संस्थान द्वारा ‘डॉरमेट्री’ को तोड़े जाने के फैसले पर आपत्ति जतायी थी।

विश्व प्रसिद्ध वास्तुकार कान को प्रख्यात वैज्ञानिक विक्रम साराभाई ने विभिन्न भवनों की डिजाइन के लिए 1960 के दशक में आमंत्रित किया था और आईआईएम अहमदाबाद का भवन भी उनके द्वारा डिजाइन की गयी कुछ निशानियों में से एक है।

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