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देश की खबरें | नालंदा विश्वविद्यालय के विस्तार में राज्य सरकार की मदद की जरूरत पड़ती है तो हम तैयार हैं: नीतीश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय के विस्तार में अगर राज्य सरकार की मदद की जरूरत पड़ेगी तो राज्य सरकार पूरी तरह से इसके लिए तैयार है।

देश की खबरें | नालंदा विश्वविद्यालय के विस्तार में राज्य सरकार की मदद की जरूरत पड़ती है तो हम तैयार हैं: नीतीश

राजगीर (बिहार), 19 जून बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय के विस्तार में अगर राज्य सरकार की मदद की जरूरत पड़ेगी तो राज्य सरकार पूरी तरह से इसके लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा यहां ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन किये जाने के अवसर पर अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने कहा, "इसके विस्तार में अगर राज्य सरकार की मदद की जरूरत पड़ेगी तो हमलोग पूरी तरह से इसके लिए तैयार हैं।"

उन्होंने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि आज नालंदा विश्वविद्यालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘वह पहली बार राजगीर पधारे हैं। मैं उनका स्वागत करता हूं। प्रधानमंत्री जी ने पौराणिक नालंदा विश्वविद्यालय का पूरा भ्रमण करके देखा है। आपने देखा कि पुराने विश्वविद्यालय का कैंपस कितना बड़ा था। पुराने समय में आसपास के 20-25 किलोमीटर तक के गांव यहां से जुड़े रहते थे।’’

मुख्यमंत्री ने नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास गौरवशाली होने का दावा करते हुए कहा कि इसकी पहचान ज्ञान के केंद्र के रूप में होती थी और प्राचीन काल में यहां 10 हजार विद्यार्थी पढ़ते थे एवं दो हजार शिक्षक हुआ करते थे।

उन्होंने कहा कि भारत ही नहीं, बल्कि चीन, जापान, श्रीलंका, तिब्बत और एशिया के कई देशों से लोग यहां पढ़ने आया करते थे तथा 1200 ईस्वी में यह विश्वविद्यालय नष्ट हो गया था।

उन्होंने कहा कि मार्च, 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति दिवंगत ए पी जे अब्दुल कलाम बिहार आए थे तब उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय को फिर से स्थापित करने की बात कही थी।

उन्होंने कहा,‘‘ उसी समय से हमलोगों ने नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापित करने की पहल शुरू की और इसके लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया लेकिन किसी कारणवश कार्य में विलंब होने पर राज्य सरकार ने इसके लिए नया कानून बनाया और विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना के लिए 455 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया। ’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2010 में बिहार सरकार के अनुरोध पर लोकसभा में इसके लिए एक विधेयक पारित किया गया तथा राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण कर केंद्र सरकार को सौंप दिया।

उन्होंने कहा कि काम धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया और 2014 से आंशिक रूप से यहां पढ़ाई शुरू हो गई।

उन्होंने कहा कि 2014 में ही नरेन्द्र मोदी जी की सरकार बनी और फिर नालंदा विश्वविद्यालय का काम काफी तेजी से होने लगा। उन्होंने कहा कि 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति दिवंगत प्रणव मुखर्जी ने इसका शिलान्यास किया और आज यह देखकर काफी प्रसन्नता हो रही है कि नालंदा विश्वविद्यालय में 17 देशों के 400 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

उन्होंने कहा कि पुराने नालंदा विश्वविद्यालय के तर्ज पर आसपास के गांवों को विश्वविद्यालय से फिर से जोड़ा जाए।

इस अवसर पर राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर, केन्द्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरेटा, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री एवं नालंदा जिले के प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अरविंद पनगढ़िया, नालंदा विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 19, 2024 08:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).