खंडवा (मप्र), चार अगस्त मध्य प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार मशहूर गायक किशोर कुमार की जन्मस्थली खंडवा में राष्ट्रीय स्तर का स्मारक बना सकती है, अगर उनका परिवार उनके पुश्तैनी मकान को प्रदेश को सौंप दे।
चार अगस्त, 1929 को जन्मे पार्श्व गायक को खंडवा से बहुत लगाव था और उनकी इच्छा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार 13 अक्टूबर, 1987 को शहर के बाहरी इलाके में किया गया था।
जिस स्थान पर उनका अंतिम संस्कार किया गया था, वहां एक स्मारक का निर्माण किया गया था और इसके पीछे एक प्रतिमा भी स्थापित की गई थी ताकि उनके प्रशंसक प्रतिष्ठित गायक को अपना सम्मान दे सकें।
किशोर कुमार की 94वीं जयंती के अवसर पर उनके पुश्तैनी मकान को लेकर शाह ने कहा, ‘‘क्योंकि वह किशोर दा के परिजन की संपत्ति है, उस पर हमारा अधिकार नहीं है। लेकिन यदि वह दो कदम आगे बढ़कर मकान सरकार को दे देते हैं तो मध्य प्रदेश की हमारी सरकार इस मकान को किशोर राष्ट्रीय स्मारक संगीत का मंदिर बनाने में पूरा सहयोग प्रदान करेगी।’’
उन्होंने किशोर कुमार के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके पुश्तैनी जीर्ण-शीर्ण मकान की देखभाल करने वाले काका सीताराम से बातचीत की।
उनकी जयंती के अवसर पर शहर में ‘गौरव यात्रा’ निकाली गई, जिसमें शाह और कई लोगों सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
किशोर प्रेरणा मंच के प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि गायक-अभिनेता के सम्मान में खंडवा शहर में तीन दिनों से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जैन ने कहा कि किशोर कुमार के प्रशंसक भी बड़ी संख्या में सुबह छह बजे से ही उनकी समाधि पर पहुंच गए और उनके गीत गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने गायक की समाधि पर उनके पसंदीदा नाश्ते 'दूध-जलेबी' का उनके चरणों में भोग भी लगाया।
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