नयी दिल्ली, 27 अगस्त कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लॉकडाउन के दौरान कर्ज की स्थगित की गई किस्तों पर ब्याज लिये जाने के मुद्दे को लेकर बृहस्पतिवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि बड़े व्यवसायों को 1.45 लाख करोड़ रुपये के कर की छूट का फायदा दिया गया, लेकिन मध्य वर्ग को ब्याज माफी नहीं दी गई।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ 1.45 लाख करोड़ रुपय की कर-छूट का फ़ायदा बड़े व्यवसायों को दिया गया। लेकिन मध्यम वर्ग को कर्ज पर ब्याज-माफ़ी तक नहीं।’’
यह भी पढ़े | GST Council Meet: कोरोना महामारी के चलते 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी की आशंका.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह स्थिति इसलिए है क्योंकि यह ‘सूटबूट कर सरकार’ है।
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने कोविड- 19 के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान कर्ज की स्थगित की गई किस्तों पर ब्याज लिये जाने के मुद्दे पर बुधवार को कहा कि केन्द्र इस मामले में रिजर्व बैंक की ओट ले रहा है। न्यायालय ने केंद्र से इस मुद्दे पर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
शीर्ष अदालत ने किस्तों के भुगतान में आ रही समस्याओं का जिक्र करते हुये कहा, ‘‘यह इसलिये हुआ क्योंकि आपने पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया।’’
न्यायालय ने इससे पहले केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक को इस बारे में गौर करने को कहा था। कोविड- 19 महामारी के बीच मार्च से लगाये गये लॉकडाउन के दौरान कर्जदारों को उनकी मासिक किस्तों के भुगतान से छूट दी गई। इस अवधि के दौरान कर्ज पर ब्याज लिये जाने का मुद्दा अदालत में पहुंचा है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY