नयी दिल्ली, नौ मई निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक का बीते वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही का एकल शुद्ध लाभ 26 प्रतिशत बढ़कर 1,221 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 969 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बैंक ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 23,443.66 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 20,913.82 करोड़ रुपये थी।
संपत्ति के मोर्च पर बात की जाए, तो 31 मार्च, 2020 तक बैंक की सकल गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) कुल ऋण का 5.53 प्रतिशत थीं। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक का सकल एनपीए 6.70 प्रतिशत था।
इसी तरह समीक्षाधीन तिमाही में बैंक का शुद्ध एनपीए 1.41 प्रतिशत पर आ गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 2.06 प्रतिशत के स्तर पर था।
समीक्षाधीन तिमाही में बैंक का मूल परिचालन लाभ (प्रावधान और कर से पूर्व लाभ, इसमें ट्रेजरी आय शामिल नहीं) 18 प्रतिशत बढ़कर 7,148 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंक ने कहा कि तिमाही के दौरान उसका शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.87 प्रतिशत रहा। इस दौरान शुल्क आय में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
बैंक ने कहा कि कोविड-19 से संबंधित प्रावधानों को हटाकर उसका शुद्ध लाभ 3,260 करोड़ रुपये बैठता।
बैंक ने कहा कि उसने समीक्षाधीन तिमाही में कोविड-19 और कर को हटाकर 3,242 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। मानक संपत्तियों पर कोविड-19 से संबंधित प्रावधान 2,725 करोड़ रुपये रहा।
पूरे वित्त वर्ष 2019-20 में बैंक का शुद्ध लाभ 136 प्रतिशत बढ़कर 7,931 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में यह 3,363 करोड़ रुपये रहा था।
एकीकृत आधार पर चौथी तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 1,251 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,170 करोड़ रुपये रहा था। पूरे वित्त वर्ष में एकीकृत आधार पर बैंक का शुद्ध लाभ बढ़कर 9,566 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 4,254 करोड़ रुपये रहा था।
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