देश की खबरें | मराठा आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय का रुख करूंगाः पार्थ पवार
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, एक अक्टूबर महाराष्ट्र के बीड जिले में एक मराठा युवक की खुदकुशी को "दुखद" बताते हुए, राकांपा प्रमुख शरद पवार के पौत्र पार्थ पवार ने कहा कि वह मराठा आरक्षण मुद्दे को लेकर उच्चतम न्यायालय में हस्तक्षेप आवेदन दायर करेंगे।

बुधवार रात किए गए सिलसिलेवार ट्वीटों में पार्थ ने कहा कि वह विवेक रहाडे की "दुखद मौत" से द्रवित हैं और उन्होंने ऐसी "दुर्भाग्यपूर्ण" घटनाओं की प्रतिक्रिया शुरू होने से पूर्व मराठा समुदाय के नेताओं से आरक्षण के लिए लड़ने का आग्रह किया।

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उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे ने महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार से इस संकट को हल करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया। इस गठबंधन में राकांपा, शिवसेना और कांग्रेस शामिल हैं।

उच्चतम न्यायालय ने नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में मराठा आरक्षण को लागू करने पर पिछले महीने रोक लगा दी थी तथा मामले को बड़ी पीठ को भेज दिया था। महाराष्ट्र सरकार ने 21 सितंबर को कहा था कि वह शीर्ष अदालत में आरक्षण को लागू करने पर लगी रोक को हटाने के लिए आवेदन दायर करेगी।

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पार्थ पवार ने ट्वीट किया, " विवेक ने हमारे मन में जो ज्वाला प्रज्वलित की है, वह पूरी व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर सकती है। एक पूरी पीढ़ी का भविष्य दांव पर है। मेरे पास माननीय उच्चतम न्यायालय का रुख करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है और अदालत के समक्ष लंबित मराठा आरक्षण मामले में हस्तक्षेप याचिका दायर करूंगा।"

राकांपा नेता ने विवेक की तस्वीर और उसके द्वारा कथित रूप से लिखा गया सुसाइड नोट ट्विटर पर साझा किया।

विवेक ने कथित रूप से नोट में लिखा है कि वह राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा के जरिए मेडिकल कॉलेज में इसलिए सीट सुरक्षित नहीं कर पाया क्योंकि आरक्षण पर रोक लगा दी गई है।

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