मट्टन (जम्मू कश्मीर), 30 जुलाई बनमास मेले के मौके पर 'पिंड दान' करने के लिये सैकड़ों कश्मीरी पंडित रविवार को मार्तंड सूर्य मंदिर पहुंचे और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मेला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अशोक सिद्ध ने कहा कि वह आयोजन के संचालन में पूर्ण समर्थन देने के लिए स्थानीय मुसलमानों और अनंतनाग जिला प्रशासन के आभारी हैं।
सिद्ध ने कहा, "मैं स्थानीय लोगों का आभारी हूं। मुस्लिम भाइयों ने हमारा समर्थन किया। मैं पिछले चार वर्षों से इसमें लगा हुआ हूं। मैं मुस्लिम भाइयों और जिला प्रशासन का भी आभारी हूं।"
सिद्ध ने आगे कहा, "हम कृष्ण झूला भी मनाते हैं और मुस्लिम समुदाय भी उस त्योहार का सक्रिय रूप से समर्थन करता है। वे यहां फल वितरित करते हैं। यह सांप्रदायिक सद्भाव और शांति का एक उदाहरण है।"
उन्होंने कहा कि यह त्योहार हर तीन साल में मनाया जाता है, लेकिन उन्होंने 1990 के बाद पहली बार इतनी भीड़ देखी।
सिद्ध ने कहा, "हम इसे हर तीन साल में मनाते हैं, लेकिन मैंने 1990 के बाद से लोगों की इतनी भीड़ कभी नहीं देखी। हमने (पूजा के लिए) एक घाट स्थापित किया है और भक्तों के लिए शौचालय सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है।"
"पिंडदान" करने वाले भक्तों में से एक मीनाक्षी ने स्थानीय लोगों की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा, "हम अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान करते हैं ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले। स्थानीय लोग अच्छे हैं, उनके साथ हमारे अच्छे संबंध हैं।"
मट्टन के एक स्थानीय मुस्लिम ने कहा कि दक्षिण कश्मीर ‘शांति और सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल है और हमेशा यह ऐसा ही बना रहेगा।’’
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