कोच्चि (केरल), 17 अक्टूबर केरल के एलानथूर में कथित मानव बलि का मामला सामने आने के बाद से घटना से जुड़े कई पहलुओं को लेकर रहस्य बना हुआ है। यहां तक कि उन महिलाओं को लेकर भी रहस्य कायम है जिनकी कथित बलि के नाम पर हत्या कर दी गई।
आरोपी भागवल सिंह, लैला और शफी द्वारा अंजाम दिए गए इस घिनौने कृत्य का सबसे पहले रोजलिन (49) शिकार बनीं। ऐसा बताया जा रहा है कि रोजलिन लॉटरी की टिकट बेचा करती थी, जबकि आरोपियों ने दावा किया है कि वह एक वयस्क फिल्म में काम करने आई थी।
शुरुआती खबरों में कहा गया कि रोजलिन लॉटरी का टिकट बेचती थी जबकि उनकी बेटी मंजू ने दावा किया कि उनकी मां घर-घर जाकर स्वास्थ्य उत्पाद बेचती थी। वहीं आरोपी लगातार यह दावा कर रहे हैं कि वह वेश्यावृत्ति (कॉल गर्ल) का काम करती थी जो एक व्यस्क फिल्म में काम करने आई थी।
पथनमथिट्टा के एलानथूर से एक मकान से रोजलिन के शव और घटना का शिकार बनी दूसरी महिला आर. पदम्म के अवशेष निकाले गए।
रोजलिन की बेटी ने बताया कि उनकी मां पिछले छह साल से अपने साथी सजीश के साथ कलाडी के पास कई स्थानों पर रह चुकी थी। वह आठ जून से लापता थी।
उनका परिवार मूल रूप से इडुक्की जिले के कट्टपना का रहने वाला था। करीब 20 साल पहले रोजलिन अपने दो बच्चों के साथ पति से अलग हो गई थी।
मंजू ने कहा, ‘‘वह (सजीश) उन्हें मारा करता था। शुरुआत में हमें संदेह था कि उनके लापता होने के पीछे सजीश का हाथ है। लापता होने से पहले मेरी मां ने अपने सभी गहने सजीश को दे दिए थे, जिसने उसमें से कुछ गहने बेच भी दिए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बाकी गहने हमें मिल पाए।’’
पुलिस ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘वे पिछले छह साल से साथ रह रहे थे। वे उस इलाके में कई घरों में रह चुके थे और किसी भी पड़ोसी या मकान मालिक ने उनके बारे में कुछ गलत नहीं बताया।’’
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