नयी दिल्ली, 27 मई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बिहार के मुंगेर जिले में बिना अनिवार्य पंजीकरण के बड़ी संख्या में अस्पतालों के चलने पर केंद्र तथा राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।
राज्य सरकार द्वारा 2013 में पारित विशिष्ट कानून के बावजूद मुंगेर जिले में बड़ी संख्या में अस्पतालों के बिना किसी पंजीकरण के अवैध रूप से चलने संबंधी खबरों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए आयोग ने मामले में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।
इसमें कहा गया है कि जिले में चल रहे 40 निजी अस्पतालों में से केवल चार ही कथित तौर पर कानूनी रूप से पंजीकृत हैं।
मानवाधिकार आयोग ने कहा कि यदि मीडिया में आई खबरें सही हैं तो यह मामला मानवाधिकारों का उल्लंघन है। आयोग ने कहा कि तदनुसार उसने बिहार सरकार के मुख्य सचिव, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों के खिलाफ उठाए गए व प्रस्तावित कदमों सहित विस्तृत रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर देने को कहा है।
यह सूचना कथित तौर पर एक आरटीआई (सूचना का अधिकार) कार्यकर्ता द्वारा प्राप्त की गई थी।
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