दरअसल, चीन ने हाल ही में अपने अधीन आने वाले हांगकांग के लिये राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पारित किया है, जिसपर ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई देशों ने आपत्ति जतायी है। इन्हीं आपत्तियों को लेकर लैम ने यह बात कही है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा था कि अगर चीन हांगकांग के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करता है, तो उनका देश हांगकांग की लभगग 30 लाख की आबादी के लिये अपने दरवाजे खोलने के लिये तैयार है।
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लैम ने चीनी अधिकारियों से बातचीत के बाद कहा कि चीन अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने वाले कानून बनाने के लिए अमेरिका और ब्रिटेन की तरह अधिकार रखता है। दूसरे देशों द्वारा आलोचना और प्रतिबंधों की धमकी को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि चीन को राष्ट्रीय स्तर पर जाकर यह फैसला इसलिये लेना पड़ा क्योंकि हांगकांग की विधायिका में विरोध और सरकार विरोधियों के चलते स्थानीय स्तर पर ऐसा करना संभव नहीं था।
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उन्होंने कहा, ''मैं बस इतना कह सकती हूं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और कुछ देशों की सरकारें इस मुद्दे से निपटने और इसपर टिप्पणी करते वक्त जबरदस्त दोहरा मानदंड अपना रही हैं।''
लैम ने कहा, ''किसी भी देश को राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिये वैध अधिकार क्षेत्र के तहत कानून बनाने का अधिकार है। अमेरिका और ब्रिटेन को भी ऐसा करने का अधिकार है।।''
उन्होंने कहा कि अगर चीन भी ऐसा कर रहा है तो उन्हें क्यों आपत्ति हो रही है। वे हांगकांग और चीन पर पाबंदियां क्यों लगा रहे हैं।
एपी
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