हमीरपुर/शिमला, 25 मई कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई के नेताओं ने राज्य सरकार पर बाढ़ पीड़ितों के लिए केंद्रीय सहायता के गलत वितरण का आरोप लगाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर पलटवार किया और उनसे यह बताने को कहा कि पिछले साल आपदा से निपटने के लिए राज्य को कितनी धन राशि दी गई थी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और मंडी लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार देर शाम यह टिप्पणी की।
इससे कुछ घंटे पहले, प्रधानमंत्री ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि मानसून आपदा के दौरान पिछले साल केंद्र ने राज्य सरकार को करोड़ों रुपये दिये लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इस धन राशि की ‘‘बंदर-बांट’’ की।
मंडी लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार कंगना रनौत के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने शुक्रवार को यह भी कहा था कि जिन लोगों ने गलत तरीके से यह पैसा लिया है वह उनसे इसे वसूल कर मंडी के लोगों को देंगे।
शुक्रवार देर शाम रैलियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) के तहत पैसा मिला जो हमेशा उपलब्ध रहता है, चाहे आपदा हो या नहीं।
प्रदेश सरकार ने 9,900 करोड़ रुपये की सहायता का संशोधित दावा केंद्र को भेजा था, लेकिन कोई धन राशि नहीं मिली। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को इस मुद्दे पर झूठ बोलना बंद करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उन्हें सच बताना चाहिए कि केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को कितनी विशेष राहत राशि दी है।
सुक्खू ने यह भी कहा कि शुक्रवार को रैलियों के दौरान, प्रधानमंत्री ने राज्य की महिलाओं से पूछा कि क्या उन्हें चुनाव से पहले कांग्रेस के वादे के अनुसार 1,500 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने शायद प्रधानमंत्री को इस बारे में गलत जानकारी दी है क्योंकि लाहौल स्पीति में महिलाओं को 1,500 रुपये मिलने शुरू हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि 1,150 रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने वाली 2.37 लाख महिलाओं को भी उनके खातों में 1,500 रुपये मिलने शुरू हो गए हैं।
प्रधानमंत्री को जयराम ठाकुर से पूछना चाहिए कि महिलाओं को मिलने वाली 1500 रुपये की राशि को रुकवाने के लिए वह चुनाव आयोग के पास क्यों गए थे।
सुक्खू ने कहा कि अगर भाजपा आज चुनाव आयोग को लिख दे कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, तो कल फॉर्म भरने वाली महिलाओं के खाते में 1,500 रुपये जमा कर दिए जाएंगे।
यहां जारी एक वीडियो संदेश में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अगर पिछले साल मानसून आपदा के दौरान मोदी ने राज्य का दौरा किया होता तो हिमाचल प्रदेश के लोगों को अच्छा महसूस होता।
उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा ने 12,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन केवल 300 करोड़ रुपये मिले और वह भी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के तहत। उन्होंने कहा कि राज्य को वैसे भी यह राशि (300 करोड़ रुपये) मिल ही जाती।
सिंह ने कहा, ‘‘हिमाचल प्रदेश को अपना दूसरा घर बताने वाले प्रधानमंत्री आपदा के दौरान कहां थे।’’
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