शिमला, 25 जून हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिये कर्ज पर ब्याज सहायता देने को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंल की बैठक में यह फैसला किया गयाा।
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सरकारी प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि ब्याज सहायता योजना के तहत जो पर्यटन इकाइयां एक करोड़ रुपये तक जीएसटी (माल एवं सेवा कर) का भुगतान कर रही हैं, वे 50 लाख रुपये तक कर्ज ले सकेंगी। वहीं 31 मार्च 2020 को समाप्त कम-से-कम एक साल में एक करोड़ से तीन करोड़ रुपये तक का जीएसटी देने वाली इकाइयां 75 लाख रुपये तक कर्ज लेने के लिये हकदार होंगी।
प्रवक्ता के अनुसार तीन करोड़ रुपये से अधिक जीएसटी का भुगतान करने वालों को ब्याज सहायता के तहत एक करोड़ रुपये का कर्ज मिल सकेगा। छोटे पंजीकृत पर्यटन इकाइयां भी 15 लाख रुपये तक का कर्ज ले सकेंगी।
कर्ज चार साल के लिये होगा और उस पर पहले दो साल के लिये 50-50 प्रतिशत ब्याज सहायता उपलब्ध होगी।
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