त्योहार

Eid-ul-Fitr 2026 Mehndi Designs: ईद-उल-फितर के पर्व को बनाएं बेहद खास, हाथों पर रचाएं ये खूबसूरत ट्रेंडी मेहंदी डिजाइन्स

ईद के मौके पर हाथों में मेहंदी रचाना एक प्राचीन और अटूट परंपरा है. इस साल मेहंदी के डिजाइन्स में 'अरेबिक मेहंदी', 'मोरक्कन पैटर्न' और 'विंटेज फ्लोरल डिजाइन्स' की भारी मांग देखी जा रही है. बाजारों और ब्यूटी पार्लरों में मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की लंबी कतारें नजर आ रही हैं.

Eid-ul-Fitr 2026 Mehndi Designs: ईद-उल-फितर के पर्व को बनाएं बेहद खास, हाथों पर रचाएं ये खूबसूरत ट्रेंडी मेहंदी डिजाइन्स
ईद-उल-फितर मेहंदी डिजाइन (Photo Credits: File Image)

Eid-ul-Fitr 2026 Mehndi Designs: इस्लाम के सबसे मुकद्दस त्योहारों में से एक 'ईद-उल-फितर' की तैयारियां जोरों पर हैं. 19 फरवरी 2026 को शुरू हुए रमजान के पाक महीने के बाद  एक तरफ जहां दुबई में 20 मार्च यानी आज ईद मनाई जा रही है तो वहीं भारत में 21 मार्च को ईद का पर्व मनाया जाएगा. खासकर बाजारों में ईद की रौनक और खरीदारी का उत्साह चरम पर है. विशेष रूप से महिलाओं के बीच नए परिधानों के साथ-साथ हाथों पर सजने वाली मेहंदी के नवीनतम डिजाइन्स को लेकर जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है.

ईद के मौके पर हाथों में मेहंदी रचाना एक प्राचीन और अटूट परंपरा है. इस साल मेहंदी के डिजाइन्स में 'अरेबिक मेहंदी', 'मोरक्कन पैटर्न' और 'विंटेज फ्लोरल डिजाइन्स' की भारी मांग देखी जा रही है.  बाजारों और ब्यूटी पार्लरों में मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की लंबी कतारें नजर आ रही हैं.

ट्रेंड्स की बात करें तो युवा लड़कियां 'मिनिमलिस्टिक बेल' (हल्की बेल वाली मेहंदी) को प्राथमिकता दे रही हैं, जो दिखने में आधुनिक और सोफिस्टिकेटेड लगती है. वहीं, विवाहित महिलाओं के बीच 'फुल हैंड ब्राइडल लुक' और जटिल राजस्थानी डिजाइन्स का आकर्षण बरकरार है. यह भी पढ़ें: Eid-ul-Fitr 2026 Mehndi Designs: चांद के दीदार के साथ मनेगी ईद, अपने हाथों की शोभा बढ़ाने के लिए ट्राई करें ये लेटेस्ट ट्रेंडी मेहंदी डिजाइन्स

फ्रंट हैंड के लिए ईद स्पेशल फ्लोरल मेहंदी डिजाइन

सिंपल और आसान अरेबिक मेहंदी डिजाइन

ईद मुबारक ट्रेंडी मेहंदी डिजाइन

बैक हैंड के लिए लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन

ईद-उल-फितर के लिए बैक हैंड मेहंदी डिजाइन

ईद के लिए ईजी स्टाइलिश मेहंदी डिजाइन

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान के 29 या 30 दिनों के कठिन उपवास के बाद शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद मनाई जाती है. भारत में इस साल पहला रोजा 19 फरवरी को रखा गया था और 21 मार्च को ईद मनाई जा रही है. यह पर्व धैर्य, कृतज्ञता और आपसी भाईचारे का संदेश देता है, जिसका समापन एक भव्य सामुदायिक उत्सव के रूप में होता है.

ईद केवल सजने-संवरने या लजीज पकवानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परोपकार और इबादत का भी त्योहार है. ईद की नमाज से पहले 'जकात-अल-फितर' यानी फितराना अदा करना हर सक्षम मुसलमान के लिए अनिवार्य है. इसके तहत गरीबों और जरूरतमंदों को अनाज या नकद राशि दान दी जाती है, ताकि समाज का हर वर्ग बिना किसी अभाव के ईद की खुशियां मना सके.

देशभर में लोग अपने घरों की साज-सज्जा और पारंपरिक व्यंजनों जैसे 'किवामी सेवइयां' और 'शीरखुरमा' की तैयारियों में मसरूफ हैं. रमजान का पूरा महीना आत्म-चिंतन और इबादत का रहा, वहीं अब ईद-उल-फितर इसी आध्यात्मिक यात्रा की सफलता के जश्न का प्रतीक है. प्रशासन ने भी त्योहार के मद्देनजर बाजारों और प्रमुख ईदगाहों के आसपास सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि शांतिपूर्ण माहौल बना रहे.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 20, 2026 02:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).