ऊना (हिमाचल प्रदेश), 28 फरवरी हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना जिले में सभी तालाबों, बांधों, कुओं, बावड़ियों, जलाशयों और झीलों की विस्तृत गणना कराने के निर्देश दिए हैं।
यह निर्णय बृहस्पतिवार की शाम उपमुख्यमंत्री और जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण (डीआरडीए) के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में लिया गया।
एक विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में जिले में जल संरक्षण और जलाशयों के निर्माण को लेकर किए गए प्रयासों की समीक्षा की गई।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डीआरडीए सभी जलाशयों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए नोडल एजेंसी के रुप में कार्य करेगा।
उन्होंने बताया कि तालाबों को उनके आकार, जल भरने की क्षमता और प्राकृतिक या मानव निर्मित होने के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में उनका क्रमांक निर्धारित किया जाएगा और मानकों को तय करने के लिए विषय विशेषज्ञों की राय ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण सुनिश्चित करने और जिले में जल संसाधनों के सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
अग्निहोत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि वन्यजीवों और पक्षियों के लिए जलाशय बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से जिले में प्रवासी पक्षियों के प्रवास की अवधि को बढ़ाने के लिए जल निकायों के आसपास सुविधाएं विकसित करने की संभावना तलाशने को भी कहा।
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