शिमला, 20 अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने रविवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश में आई आपदा राजनीतिक लाभ उठाने का अवसर नहीं है। उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार से कहा कि ‘‘हमें समस्या बताएं और मांग रखें, इन पर विचार किया जाएगा।’’
सिरमौर के पांवटा और शिमला शहर के बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद नड्डा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राहत, बहाली और पुनर्वास के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र हिमाचल प्रदेश को हरसंभव मदद प्रदान कर रहा है और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के लिए 200 करोड़ रुपये जारी किए।
त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की मांग का जिक्र करते हुए, नड्डा ने कहा कि पर्याप्त वित्तीय सहायता दी जाएगी और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाता है या नहीं।
उन्होंने कहा कि इससे पहले एसडीआरएफ के केंद्रीय हिस्से से 10 अगस्त और 17 अगस्त को दो किश्तों में 360 करोड़ रुपये दिए गए थे और आपत्तियों पर रोके गए 315 करोड़ रुपये में से 189 करोड़ रुपये भी जारी किए गए थे।
नड्डा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा केंद्र को आवश्यक जानकारी सौंपने के बाद शेष राशि भी जल्द ही जारी कर दी जाएगी।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र बारिश से प्रभावित हिमाचल प्रदेश की गंभीर स्थिति से चिंतित है और इस आपदा के कारण विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।
स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल के साथ नड्डा राज्य के दौरे पर हैं।
नड्डा ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की लगभग 20 टीम राज्य में तैनात हैं और वायुसेना के तीन हेलीकॉप्टर ने 70 उड़ानों में 1000 से अधिक लोगों को बचाया है।
सिरमौर के पांवटा साहिब से राज्य के बाढ़ और बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू करने वाले भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैं मानव जीवन की हानि और नुकसान को देखकर दुखी हूं तथा विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन देता हूं।’’
नड्डा ने एक ऐसे परिवार से मुलाकात की, जिसने 10 अगस्त को अचानक आई बाढ़ में अपने पांच सदस्यों को खो दिया था।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हिमाचल प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है और केंद्र सरकार स्थिति को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। प्रशासन द्वारा राहत प्रदान किए जाने और पुनर्वास कार्य शुरू करने के प्रयास जारी हैं। केंद्रीय मदद मिलती रहेगी और सभी विस्थापित लोगों का पुनर्वास किया जाएगा।’’
बाद में नड्डा ने समर हिल में शिव मंदिर क्षेत्र का दौरा किया जो 14 अगस्त को भारी भूस्खलन के बाद क्षतिग्रस्त हो गया था। भाजपा अध्यक्ष ने कृष्णानगर का भी दौरा किया।
शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश सरकार ने भारी बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए राज्य को ‘‘प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र’’ घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने दावा किया कि राज्य को 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में गत रविवार रात के बाद से बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या 78 हो गई है।
शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने शनिवार को 'पीटीआई-' को बताया था कि प्रदेश में पिछले रविवार की रात से हुई 78 मौतों में से 24 मौत अकेले शिमला में तीन बड़े भूस्खलनों के कारण हुईं। उन्होंने बताया कि इनमें से 17 लोगों की मौत समर हिल के शिव मंदिर में हुई, जबकि फागली में पांच लोगों की और कृष्णानगर में दो लोगों की जान चली गई।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY