देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने बाल यौन शोषण के आरोपी जर्मन नागरिक के प्रत्यर्पण का आदेश बरकरार रखा

नयी दिल्ली, 28 फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपहरण, बच्चों के यौन शोषण और बाल अश्लील सामग्री रखने के आरोपी जर्मन नागरिक को उसके देश प्रत्यर्पित करने का आदेश बरकरार रखा।

उच्च न्यायालय ने कहा कि आरोपी बर्न्ड एलेक्जेंडर ब्रूनो वेहनेल्ट को जर्मन आपराधिक संहिता के तहत मुकदमे का सामना करने के लिए जर्मनी भेजे जाने की सिफारिश करने वाले निचली अदालत के आदेश में कोई खामी नहीं है।

न्यायमूर्ति अनीश दयाल ने कहा, ‘‘इस अदालत का मानना है कि याचिकाकर्ता को जर्मन आपराधिक संहिता के तहत मुकदमे का सामना करने के लिए जर्मनी प्रत्यर्पित करने के एसीएमएम द्वारा पारित आदेश में कोई खामी नहीं है और यह बरकरार रहेगा और इस अदालत के समक्ष याचिकाकर्ता की याचिका खारिज की जाती है।’’

उच्च न्यायालय का फैसला आरोपी की उस याचिका पर आया है, जिसमें उसने केंद्र की 24 अगस्त 2022 की प्रत्यर्पण जांच रिपोर्ट तथा 16 सितंबर 2022 का आदेश/पत्र रद्द करने का अनुरोध किया।

अभियोजन के अनुसार, यह मामला सितंबर 2003 का है जब याचिकाकर्ता चार तथा छह साल के दो बच्चों के पास उस वक्त गया, जब वे खेल रहे थे तथा उनकी कई आपत्तिजनक तस्वीरें खींचीं। जांच के बाद उसके पास से कई सीडी और डीवीडी पायी गयी, जिसमें बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री थी।

उसे विदेशी कानून के उल्लंघन के लिए 2020 में कर्नाटक में गिरफ्तार किया गया था।

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