पणजी, आठ फरवरी बंबई उच्च न्यायालय ने ‘ओल्ड गोवा’ शहर में यूनेस्को के विश्व धरोहर क्षेत्र में कथित रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता द्वारा बनाए गए बंगले को तोड़ने के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के आदेश को रद्द कर दिया है।
उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने मंगलवार को एक आदेश में कहा कि एएसआई ने 16 अगस्त 2022 को बंगला तोड़ने का आदेश देते हुए प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
सेंट कैजेटन चर्च के पास स्थित बंगले को लेकर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन किया था। उनका दावा था कि इस निर्माण ने कई नियमों का उल्लंघन किया और इसका मालिक मुंबई में रहने वाला भाजपा का एक नेता है।
एएसआई के आदेश को मुंबई स्थित कंपनी ‘कॉर्वस अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी’ ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति महेश सोनक और न्यायमूर्ति भरत पी देशपांडे की खंडपीठ ने कहा कि एएसआई के आदेश में कहीं भी यह नहीं बताया गया है तोड़फोड़ का आदेश पारित करने से पहले ‘कॉर्वस अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर’ को कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, या नहीं।
उच्च न्यायालय ने कहा, “ इसके पिछले मालिक सुवर्णा सूरज लोटलिकर को इस तरह के नोटिस भेजे जाने की भी कोई जानकारी नहीं है।”
अदालत ने कहा कि एएसआई का दावा था कि ढांचे के बिक्री समझौते में विसंगतियां थी लिहाज़ा उसे लोटलिकर या याचिकाकर्ता से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए था।
अदालत ने कहा कि अपनी बात रखने का मौका नहीं देकर एएसआई ने नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन किया।
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