देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने उत्तर एमसीडी के आयुक्त को कर्मचारियों के वेतन का भुगतान के लिए प्रयास करने को कहा
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नयी दिल्ली, एक जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को उत्तर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आयुक्त को उन न्यायिक आदेशों का अनुपालन करने का प्रयास करने को कहा जिनमें सभी श्रेणियों के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के बकाये का भुगतान करने को कहा गया है।

अदालत ने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है कि किसी गरीब कर्मचारी को उसके बकाये का भुगतान नहीं किया जाता है। अदालत ने कहा कि हो सकता है कि निगम को अपने कर्मचारियों की संख्या को युक्तिसंगत बनाने और समीक्षा करने तथा ऑडिट करने की आवश्यकता हो।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने उत्तरी एमसीडी के आयुक्त से पूछा, ‘‘हमें यकीन है कि आप इस स्थिति से अवगत हैं कि कर्मचारियों को उनका वेतन नहीं मिल रहा है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि किसी गरीब कर्मचारी को वेतन नहीं दिया जाता है। अगर कटौती करनी है तो शीर्ष स्तर से शुरू करें। वरिष्ठ अधिकारी अपने वेतन का 50 प्रतिशत हिस्सा ले सकते हैं। क्या आपको अपना पूरा वेतन मिल रहा है ?’’

अदालत ने आयुक्त को कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों के वेतन और पेंशन का भुगतान करने के आदेश का पालन नहीं करने के लिए अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्रवाई शुरू करने के अनुरोध वाली याचिका के जवाब में दो सप्ताह में एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा। मामले में अगली सुनवाई आठ जुलाई को होगी।

इससे पहले, दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तर एमसीडी को निर्देश दिया था कि कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का भुगतान नहीं किये जाने के मुद्दे की पड़ताल करने के लिये वह अपनी संपत्तियों की सूची और बैंकों में जमा राशि के बारे में बताए।

उत्तर एमसीडी के आयुक्त संजय गोयल ने अदालत को आश्वासन दिया कि कर्मचारियों का बकाया चुकाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं और निगम अपनी कुछ संपत्तियों को पट्टे पर देने की प्रक्रिया में है, जिनकी कीमत अधिक है।

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