देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने ट्रेन के डिब्बों का पृथक-वास के तौर पर इस्तेमाल के बारे में बताने को कहा

मुंबई, 23 जून बंबई उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को यह बताने का निर्देश दिया है कि ट्रेनों के डिब्बों को पृथक-वास केंद्र में बदलने के लिए रेलवे ने क्या कदम उठाए हैं । यह भी बताने को कहा गया है कि क्या इस तरह के डिब्बों में आईसीयू की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा सकती है।

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की पीठ मुंबई निवासी नरेश कपूर की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों पर चिंता जतायी है।

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अदालत ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार एक हलफनामा दाखिल कर ट्रेनों के डिब्बों को पृथक-वास केंद्र में बदलने को लेकर पश्चिमी रेलवे के साथ मध्य रेलवे द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बताए। यह भी बताना चाहिए कि इन डिब्बों में आईसीयू की सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार क्यों नहीं किया गया। ’’

पीठ मामले पर अब दो जुलाई को सुनवाई करेगी ।

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याचिकाकर्ता ने विभागीय आदेश या न्यायिक आदेश के कारण बंद अस्पतालों, नर्सिंग होम और स्वास्थ्य केंद्र को फिर से खोलने और रेलवे के डिब्बों को कोविड-19 के मरीजों के लिए अस्थायी आईसीयू में बदलने का निर्देश देने का अनुरोध किया ।

हालांकि, अदालत ने कहा कि न्यायपालिका के लिए बंद हो चुके नर्सिंग होम और अन्य स्वास्थ्य केंद्र को खोलने के मामले में दखल देना ठीक नहीं होगा ।

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