नयी दिल्ली, 15 दिसंबर दिल्ली की एक अदालत ने अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर धनशोधन मामले में संपत्ति कारोबार क्षेत्र की बड़ी कंपनी एम्मार एमजीएफ के पूर्व प्रबंध निदेशक श्रवण गुप्ता के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) रद्द करने से इनकार कर दिया है।
अदालत ने गैर जमानती वारंट रद्द करने की मांग संबंधी गुप्ता का आवेदन यह कहते हुए खारिज किया कि इसमें ‘दम नहीं’ है।
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गुप्ता के खिलाफ 29 अगस्त को वारंट जारी किया गया था क्योंकि वह समन मिलने के बाद भी जांच में शामिल नहीं हुए और किसी न किसी बहाने जांच से बचने की कोशिश कर रहे थे।
विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने पांच दिसंबर को आवेदन रद्द करते हुए अपने आदेश में कहा था कि आवेदक ने किसी न किसी बहाने जांच से बचने की कोशिश की है और वह समन मिलने के बाद भी जांच में शामिल नहीं हुए।
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न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ यहां तक कि, मौजूदा सुनवाई के दौरान भी आवेदक ने जांच में शामिल होने के लिए ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के सामने पेश होने की मंशा नहीं प्रकट की। जब उनके आवेदन को सुनवाई के लिए लिया गया तब वह इस अदालत में भी पेश नहीं हुए । यह केवल यही दर्शाता है कि आवेदक जांच में सहयोग के लिए तैयार नहीं है।’’
ईडी के अनुसार 1.24 करोड़ यूरो की राशि मॉरीशस में इंटरसेल्युलर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड में अंतरित की गयी जो इस वर्तमान मामले में गलत कमाई के धनशोधन के लिए इस्तेमाल किये जाने मुख्य मोर्चों में एक था।
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