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देश की खबरें | कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण ओडिशा में हुई भारी बारिश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से ओडिशा के अधिकतर भागों में मंगलवार को हुई भारी बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हो गया। मौसम केंद्र अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

देश की खबरें | कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण ओडिशा में हुई भारी बारिश
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

भुवनेश्वर, 25 अगस्त बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से ओडिशा के अधिकतर भागों में मंगलवार को हुई भारी बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हो गया। मौसम केंद्र अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

मौसम केंद्र ने यहां बताया कि सोमवार को बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन गया,जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई।

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ओडिशा में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने के अलावा तटीय क्षेत्रों में 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है।

इस महीने बंगाल की खाड़ी के ऊपर पांचवीं बार कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इससे पहले 4, 9, 13 और 19 अगस्त को भी कम दबाव का क्षेत्र बना था, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई थी और बीते सप्ताह मलकानगिरी सहित कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे।

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कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव के कारण बालासोर, भद्रक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, कटक, खुर्दा, कटक और ढेंकनाल जिलों में कई स्थानों पर सोमवार रात से ही बारिश हो रही है।

अधिकारियों ने कहा कि कुछ निचले इलाकों में जल जमाव भी देखा गया। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर और पड़ोसी जिले कटक में भी बारिश हुई, जिससे आम जीवन और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।

विशेष राहत आयुक्त पी के जेना ने बताया कि जिला अधिकारियों सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।

हालांकि, राज्य सरकार ने फिलहाल बाढ़ के किसी भी खतरे से इनकार किया है।

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ज्योतिर्मय रथ ने कहा कि स्वर्णरेखा, बुधाबलंगा, ब्राह्मणी, बैतरणी, महानदी और कथाजोड़ी सहित सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं और बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।

उन्होंने कहा कि केवल बालासोर जिले के मथानी में जलका नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार पहुंच गया। नदी का जलस्तर 6.24 मीटर पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 5.50 मीटर पर है। स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि प्रमुख नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में वर्षा भी कम हुई है।

मौसम विभाग ने बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, क्योंझर, मयूरभंज और ढेंकनाल जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा और यहां तक ​​कि अत्यधिक भारी वर्षा का पुर्वानुमान जताते हुए बुधवार तक 'रेड अलर्ट’ जारी किया है।

बुधवार तक पुरी, खुर्दा, अंगुल, देवगढ़, सुंदरगढ़, संबलपुर, सोनपुर, बौध, बलांगीर, कालाहांडी और कंधमाल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मछुआरों को 27 अगस्त तक बंगाल की उत्तरी खाड़ी में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 25, 2020 07:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).