अमेरिका में स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों ने मांगी कानूनी सुरक्षा

कम से कम 15 राज्यों ने कानून या गवर्नरों के आदेश लागू किए हैं जो स्पष्ट रूप से नर्सिंग होम और दीर्घकालिक देखभाल केंद्रों को संकट के समय में दायर किए जाने वाले वादों से कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान करते हैं।

देश में सबसे अधिक प्रभावित न्यूयॉर्क में एक पैरवी समूह ने उपायों का एक मसौदा तैयार किया है जो इन केंद्रों को दीवानी वादों और आपराधिक मुकदमों से सुरक्षा प्रदान करता है। ऐसा करने वाला यह पहला राज्य है।

अब अन्य राज्यों में भी इसे लागू करने की बहस तेज हो गई है और दलील दी जा रही है कि यह अभूतपूर्व संकट है और निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) एवं जांच की कमी, अधिकारियों द्वारा विभिन्न पालियों में काम करने के निर्देश और बीमारी के कारण कर्मचारियों की संख्या कम हो जाने जैसी अनियंत्रित स्थितियों के लिए देखभाल केन्द्रों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

इस महीने कैलिफोर्निया में विभिन्न प्रमुख अस्पतालों और देखभल केन्द्र समूहों द्वारा भेजे एक पत्र में कहा गया , ‘‘जैसा कि हमारे देखभाल कर्मी ये कठिन निर्णय लेते हैं... उन्हें इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि उनपर कोई मुकदमा नहीं चलाया जाएया या उन्हें परेशान नहीं किया जाएगा।’’

कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यसम ने इस पर अभी निर्णय नहीं लिया है।

वहीं फ्लोरिडा, पेनसिल्वेनिया और मिसूरी में इसको लेकर विचार किया जा रहा है।

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