देश की खबरें | ‘नफरत की दुकान’: टाइटलर को ‘डेलीगेट’ बनाने पर भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया घृणा फैलाने का आरोप

नयी दिल्ली, 20 फरवरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व सांसद जगदीश टाइटलर को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का ‘डेलीगेट’ (निर्वाचक मंडल का सदस्य) चुने जाने की सोमवार को निंदा की और कहा कि यह देश में विभाजन और अराजकता पैदा करने के विपक्षी दल के चरित्र को उजागर करता है। टाइटलर का नाम 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच समिति की रिपोर्ट में शामिल है।

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि कांग्रेस की कार्रवाई दिखाती है कि उसके नेता राहुल गांधी जिन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान ‘‘मोहब्बत की दुकान’’ की बात की थी, वास्तव में ‘‘नफरत की दुकान’’ खोल रहे हैं।

एआईसीसी डेलीगेट की सूची में टाइटलर का नाम आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर यह हमला बोला। उन्हें दिल्ली से एआईसीसी का डेलीगेट चुना गया है।

भाटिया ने सवाल किया कि टाइटलर को एआईसीसी डेलीगेट के रूप में नियुक्त करके कांग्रेस क्या संदेश देना चाहती है?

उन्होंने कहा, ‘‘1984 में सिख विरोधी दंगों के दौरान सबसे ज्यादा नफरत फैलाने वाले नेता को एआईसीसी का निर्वाचित सदस्य बनाया गया है। यह कहना गलत नहीं होगा कि ऐसे नेता कांग्रेस की रीढ़ हैं।’’

उन्होंने कहा कि जब गांधी की ‘‘भारत तोड़ो यात्रा’’ राष्ट्रीय राजधानी पहुंची, तो टाइटलर भी व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए मौजूद थे।

उन्होंने कहा, ‘‘यह दिखाता है कि राहुल गांधी और जगदीश टाइटलर दो शरीर, एक आत्मा हैं।’’

भाटिया ने कहा कि टाइटलर की ये सभी जिम्मेदारियां और नियुक्तियां दिखाती हैं कि ‘‘उनके बिना कांग्रेस की कोई पहचान नहीं’’ है।

‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ के दौरान नफरत के बाजार में प्यार की दुकान खोलने संबंधी गांधी की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधते हुए भाटिया ने कहा, ‘‘गांधी कहते रहे कि वह देश में नफरत के माहौल में ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने आए हैं। अब टाइटलर की नियुक्ति के साथ, वह ‘नफरत की दुकान’ खोल रहे हैं।’’

कभी दिल्ली में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे टाइटलर का नाम सिख विरोधी दंगों की जांच करने वाले नानावती आयोग की एक रिपोर्ट में आया था।

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