चंडीगढ़, 22 जुलाई हरियाणा राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एचएसएनसीबी) के महानिदेशक ओ पी सिंह ने एक पॉडकास्ट सीरीज शुरू की है जिसका उद्देश्य नागरिकों को राज्य में मादक पदार्थ के खिलाफ लड़ाई की अग्रिम पंक्ति के करीब लाना है।
पॉडकास्ट को जनता और पुलिस के बीच एक सेतु के रूप में परिकल्पित किया गया है। पॉडकास्ट का प्राथमिक लक्ष्य नागरिकों को प्रामाणिक, जमीनी जानकारी प्रदान करना है कि हरियाणा पुलिस किस प्रकार मादक पदार्थ की समस्या और तस्करी से निपट रही है।
इसका उद्देश्य है: क्षेत्रीय अधिकारियों की आवाज को सशक्त बनाकर प्रवर्तन को मानवीय बनाना, मादक पदार्थों की समस्यास और अंतर-राज्यीय तस्करी जैसे उभरते खतरों के बारे में जनता को शिक्षित करना, संवाद के माध्यम से विश्वास का निर्माण करना और प्रवर्तन को प्रासंगिक और उत्तरदायी बनाकर सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि इसके नवीनतम संस्करण में सिंह ने हाल ही में एचएसएनसीबी के दो पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) की मेजबानी की तथा उनके साथ हरियाणा में मादक पदार्थ रोधी अभियान के समक्ष दो सबसे बड़ी चुनौतियों - कठोर मादक पदार्थों के किफायती विकल्प के रूप में औषधियों के बढ़ता दुरुपयोग और अंतर-राज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी का जटिल नेटवर्क।
एचएसएनसीबी के फार्मास्यूटिकल प्रवर्तन शाखा के प्रभारी डीएसपी ने बताया कि किस प्रकार तस्करों ने कानूनी खामियों और कमजोर आपूर्ति श्रृंखलाओं का फायदा उठाकर इन पदार्थों को ब्लैक मार्केट में उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा, "ये टैबलेट सस्ते होते हैं, इन्हें छिपाना आसान होता है और अक्सर ये पकड़े जाने से बच जाते हैं।" उन्होंने कहा कि कम कीमत और आसानी से उपलब्ध होने के कारण किशोर और पहली बार इस्तेमाल करने वाले लोगों के इसके चंगुल में फंसने का खतरा होता है।
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