चंडीगढ़, छह जुलाई हरियाणा पुलिस ने लोगों को अज्ञात स्रोतों से आए फर्जी ई-मेल से सावधान रहने की चेतावनी देते हुए कहा है कि वे साइबर अपराधी हो सकते हैं जो कोविड-19 स्थिति का फायदा उठाते हुये खुद को अधिकारी बताकर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर सकते हैं।
लोगों को ऐसे साइबर अपराधियों से सतर्क रहने के लिए कहते हुए, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि कोरोना वायरस के फैलने से पैदा हुई स्थिति के कारण साइबर अपराधी भी सक्रिय हो गए हैं।
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विर्क ने कहा कि साइबर आपराधिक गिरोह व्यक्तियों और व्यवसायों को लक्षित करने के लिए कोविड-19 महामारी द्वारा उत्पन्न स्थिति और अनिश्चितता का फायदा उठा रहे हैं।
उन्होंने सोमवार को यहां एक बयान में कहा कि ऐसे जालसाज अपराधी उपयोगकर्ताओं से व्यक्तिगत जानकारी निकलवाने के लिए खुद को अधिकारी के तौर पर पेश कर सकते हैं।
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अतिरिक्त डीजीपी ने बताया कि साइबर हमलावर फर्जी ई-मेल भेज सकते हैं, जिसमें वे नकली पते का इस्तेमाल कर सकते हैं या उसमें कुछ इस तरह का फर्जी दावा किया गया हो सकता है कि यह सरकार से वित्त पोषित कोविड-19 सहायता पहलों के लिए काम करने वाले अधिकारियों की ओर से भेजा गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे सरकार द्वारा अनिवार्य जांच आदेशों के बारे में व्यक्ति को सूचित करते हैं और फिर उसे जांच के लिए पंजीकरण कराने के लिए फर्जी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं। जैसे ही कोई उसे क्लिक करता है, वे नागरिकों के महत्त्वपूर्ण और व्यक्तिगत डेटा को चुरा लेते हैं।’’
विर्क ने साइबर सुरक्षा के लिए उठाए गए कई कदमों का उल्लेख किया और कहा कि उपयोगकर्ताओं को असत्यापित ई-मेल अटैचमेंट को डाउनलोड करने या विशेष रूप से स्वास्थ्य सूचना के संबंध में नकली लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए।
कृष्ण
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