जम्मू, 21 दिसंबर परिसीमन आयोग के सुझावों पर विपक्ष की कड़ी आपत्ति पर विरोध जताते हुए भारतीय जनता पार्टी की जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रविंद्र रैना ने मंगलवार को कहा कि गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी/गुपकर) के वर्षों तक चले “कुशासन” के कारण उन्होंने लोगों का समर्थन खो दिया है।
रैना ने कहा कि भाजपा लोगों को “बांट नहीं रही बल्कि जोड़ रही” है जबकि गुपकर के नेता अपने क्षुद्र राजनीतिक लाभ के लिए लोगों के “दिमाग में जहर भर” रहे हैं। जम्मू कश्मीर पर परिसीमन आयोग ने जम्मू के लिए छह अतिरिक्त सीटों तथा कश्मीर के लिए एक अतिरिक्त विधानसभा सीट का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए 16 निर्वाचन क्षेत्र आरक्षित किये गए हैं।
इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने साफ किया है कि वह रिपोर्ट के वर्तमान स्वरूप पर हस्ताक्षर नहीं करेगी। आयोग के सुझावों पर गुपकर के नेताओं द्वारा उठाई गई आपत्ति का जवाब देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि चाहे वह परिसीमन आयोग हो या निर्वाचन आयोग, यह स्वायत संस्थाएं हैं जिनकी अपनी शक्तियां हैं।
रैना ने कहा, “परिसीमन आयोग ने दो साल बाद अपने सुझाव दिए हैं। इस दौरान आयोग के सदस्यों ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जिला विकास और ब्लॉक विकास परिषद के सदस्यों, पंचों, सरपंचों से मुलाकात की और उपायुक्तों समेत सरकारी मशीनरी से आंकड़े एकत्र किये और तय मानदंडों पर काम किया।”
रैना ने कहा कि अगर एक स्वतंत्र संस्था कुछ कह रही है जिसके अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं जिनकी विश्वसनीयता और पारदर्शिता जगजाहिर है तो फिर आपत्ति के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और कांग्रेस ने पिछले सात दशक तक जम्मू कश्मीर पर राज किया लेकिन विभिन्न समुदायों को समान अधिकार देने में विफल रहे।
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