देश की खबरें | गुजरात: ओमीक्रोन से संक्रमित व्यक्ति की पत्नी, एक अन्य संबंधी में नए स्वरूप के संक्रमण की पुष्टि
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात में यहां एक सप्ताह पहले ओमीक्रोन से संक्रमित पाए गए एक प्रवासी भारतीय की पत्नी और उसका एक अन्य रिश्तेदार भी कोरोना वायरस संक्रमण के नए स्वरूप से संक्रमित पाया गया है।
जामनगर (गुजरात), 10 दिसंबर गुजरात में यहां एक सप्ताह पहले ओमीक्रोन से संक्रमित पाए गए एक प्रवासी भारतीय की पत्नी और उसका एक अन्य रिश्तेदार भी कोरोना वायरस संक्रमण के नए स्वरूप से संक्रमित पाया गया है।
जामनगर नगर निगम (जेएमसी) के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इसी के साथ गुजरात में ओमीक्रोन के मरीजों की संख्या बढ़कर अब तीन हो गई है। ओमीक्रोन संक्रमण का पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था और इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ‘चिंताजनक स्वरूप’ की श्रेणी में रखा है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में सबसे पहले संक्रमित पाए गए मरीज की पत्नी और उसके एक अन्य रिश्तेदार के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद उनके नमूने जीनोम अनुक्रमण के लिए गांधीनगर स्थित गुजरात जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र (जीबीआरसी) भेजे गए थे। जीबीआरसी ने इस बात की पुष्टि की कि मरीज की पत्नी और उसका एक अन्य रिश्तेदार भी ओमीक्रोन स्वरूप से ही संक्रमित है।
जेएमसी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि उन्हें शहर स्थित गुरु गोबिंद सिंह सरकारी अस्पताल में बनाए गए विशेष ओमीक्रोन वार्ड में स्थानांतरित किया गया है।
जिम्बावे से यहां आए 72 वर्षीय प्रवासी भारतीय के जीनोम अनुक्रमण के बाद चार दिसंबर को उसके ओमीक्रोन से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। प्रवासी भारतीय के साथ आई उसकी पत्नी और जामनगर में रहने वाला उसका एक रिश्तेदार भी इसके एक दिन बाद संक्रमित पाया गया।
विज्ञप्ति में बताया गया कि इन दोनों के नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिए जीबीआरसी भेजा गया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे ओमीक्रोन से संक्रमित हैं या नहीं।
जीनोमिक अनुक्रमण कोविड-19 के लिए जिम्मेदार सार्स-सीओवी-दो में जीन का अध्ययन करने की एक प्रक्रिया है। इससे वैज्ञानिकों को यह पता लगाने में मदद मिलती है कि नमूनों में कौन सा स्वरूप मौजूद हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि परिवार का कोई अन्य सदस्य या प्रवासी भारतीय के रिश्तेदार के घर ट्यूशन के लिए आने वाला कोई भी छात्र संक्रमित नहीं पाया गया है। इन प्रवासी भारतीयों का परिवार जिस आवासीय सोसाइटी में रहता है, उसे नगर निगम ने एहतियात के तौर पर निरुद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया है और अवरोधक लगाकर वहां लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है।
विज्ञप्ति में बताया गया कि अधिकारियों ने निर्देशानुसार इलाके के उन लोगों को कोविड-19 टीका लगाना शुरू कर दिया है, जिन्होंने पहली या दूसरी खुराक अभी तक नहीं ली है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 10, 2021 03:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

