अहमदाबाद, छह जून कांग्रेस की गुजरात इकाई के महासचिव राजेश सोनी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘‘भ्रामक’’ एवं ‘‘मनोबल तोड़ने वाली’’ सामग्री कथित तौर पर अपलोड करने को लेकर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कठोर धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक (सीआईडी-साइबर अपराध) भरतसिंह टांक ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज किये जाने के बाद, राज्य सीआईडी के साइबर अपराध प्रकोष्ठ ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विवादास्पद पोस्ट करने को लेकर सोनी को गिरफ्तार कर लिया।
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों ने सात से 10 मई तक ऑपरेशन चलाया था।
टांक ने बताया कि सोनी पर, फेसबुक पर गुमराह करने वाले पोस्ट कर रक्षा कर्मियों का मनोबल तोड़ने और भारत की संप्रभुता को खतरे में डालने के आरोप हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कांग्रेस नेता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य) और 353 (1) (ए) (अशांति पैदा करने वाले बयान) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
धारा 353(1)(ए) ऐसे व्यक्ति पर लगाई जा सकती है जो भारत के किसी अधिकारी, सैनिक को विद्रोह करने या अपने कर्तव्य की अवहेलना करने या उसका निर्वहन नहीं करने के लिए उकसाता हो, या ऐसा करने की संभावना वाले किसी बयान, झूठी सूचना, अफवाह या रिपोर्ट को तैयार, प्रकाशित या प्रसारित करता हो।
बीएनएस धारा 152 के तहत आजीवन कारावास से लेकर सात साल तक की सजा हो सकती है, साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
सीआईडी द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में सोनी के दो फेसबुक पोस्ट का हवाला दिया गया है। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी की विपक्षी पार्टी ने निंदा की है।
सोनी ने एक पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर के पोस्टर की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लड़ाकू विमान के पायलट की वर्दी में दिखाया गया है।
पोस्ट में तस्वीरों के साथ गुजराती में लिखा था, ‘‘कृपया ध्यान दें कि सैनिकों को श्रेय नहीं मिलेगा। उनके प्रचार की लागत ऑपरेशन सिंदूर में राफेल उड़ाने की लागत से दोगुनी होगी।’’
प्राथमिकी में कहा गया है कि एक अन्य पोस्ट में सोनी ने तथ्यों को जानने के बावजूद ‘‘यह दावा कर लोगों को भड़काने की कोशिश की कि भारत सरकार ने ऑपरेशन के दौरान आत्मसमर्पण कर दिया।’’
पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा, ‘‘हमने सोनी को उनके उस पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया है, जो सशस्त्र बलों के मनोबल को तोड़ सकता है और सैनिकों को गलत संदेश दे सकता है कि युद्ध के मैदान में उनका योगदान और बलिदान व्यर्थ जाएगा।’’
शुक्रवार सुबह सोनी की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही प्रदेश कांग्रेस नेता गांधीनगर स्थित सीआईडी कार्यालय पहुंचे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि उनके पार्टी सहयोगी ने केवल यह बताने का प्रयास किया कि सरकार को करदाताओं का पैसा प्रचार पर खर्च करने के बजाय, सैनिकों को उनका उचित श्रेय मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘राजेशभाई सोनी को साइबर अपराध (प्रकोष्ठ) ने सुबह 4 बजे गिरफ्तार किया, जैसे कि वह कोई आतंकवादी हों। हम देख सकते हैं कि पोस्ट में उन्होंने केवल यह संदेश देने की कोशिश की थी कि सैनिकों को उनकी बहादुरी का श्रेय मिलना चाहिए और ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर लोगों के पैसे का इस्तेमाल प्रचार और राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए।’’
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