विदेश की खबरें | उत्तर कोरिया की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित परेड में दिखे चीन और रूस के अतिथि
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

उत्तर कोरिया के 75वें स्थापना दिवस का जश्न मनाने के लिए राजधानी प्योंगयांग में मध्यरात्रि को हुई परेड में रॉकेट लॉन्चर का प्रदर्शन किया गया।

यह परेड ऐसे वक्त में हुई है, जब उम्मीद है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने वहां जाएंगे और इस बैठक में उत्तर कोरिया द्वारा रूस को हथियारों की बिक्री पर बातचीत हो सकती है।

चीन ने उत्तर कोरिया की 75वीं वर्षगांठ के जश्न समारोह में उप प्रधानमंत्री लियु गुझोंग के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल भेजा है, जबकि रूस से एक सैन्य गीत एवं नृत्य समूह प्योंगयांग पहुंचा है।

दक्षिण कोरियाई मीडिया में अनुमान लगाया गया है कि प्योंगयांग में जश्न समारोह में रूस के सरकारी अधिकारियों की कमी का संबंध किम और पुतिन के बीच शिखर वार्ता के लिए तैयारियों से हो सकता है। अमेरिका को एक महीने के भीतर यह बैठक होने की उम्मीद है। अमेरिकी मीडिया में प्रकाशित कुछ खबरों के अनुसार, यह बैठक अगले सप्ताह तक हो सकती है।

उत्तर कोरिया ने रूस जाने की किम की किसी योजना की अभी पुष्टि नहीं की है।

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ‘कोरियल सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ ने कहा कि किम को वर्षगांठ पर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से पत्र मिले हैं, जिसमें दोनों नेताओं ने कहा है कि उनके देश के उत्तर कोरिया से मजबूत होते संबंध क्षेत्र की शांति एवं स्थिरता में योगदान देंगे।

शनिवार की परेड अर्द्धसैन्य संगठनों और प्योंगयांग की रक्षा कर रहे सार्वजनिक सुरक्षा बलों के इर्दगिर्द केंद्रित रही।

तस्वीरों में किम को मुस्कुराते हुए और अपनी छोटी बेटी से बात करते हुए देखा गया। ऐसा कहा जाता है कि उनकी करीब 10 वर्षीय छोटी बेटी का नाम जू ए है। किम नवंबर से बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपनी बेटी को साथ लाते रहे हैं।

केसीएनए ने बताया कि किम ने परेड से पहले लियु और चीन के अन्य प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

एपी

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