जरुरी जानकारी | जीएसटी अधिकारियों ने फर्जी बिल जारी करने के मामले में हरियाणा के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया
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नयी दिल्ली, 24 नवंबर माल एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत बनायी गयी जांच इकाई डीजीजीआई ने फर्जी बिल जारी करने के लिए हरियाणा में जींद के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। बताया गया है कि इन बिलों पर कुल 27.99 करोड़ रुपये का कर बनता था।
ऐसे बिलों के जरिए साधन-समग्री पर कर के लाभ (आईटीसी) के दावे का फर्जीवाड़ा किया जाता है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जीएसटी आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) की रोहतक स्थित क्षेत्रीय इकाई ने 23 नवंबर को जींद के विकास जैन को गिरफ्तार किया है।
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बयान के मुताबिक जैन उस फर्म के प्रोपराइटर हैं जिसने 27.99 करोड़ रुपये मूल्य पर कर लगाने लायक फर्जी बिल जारी किए। इसके अलावा फर्म को इनपुट टैक्स क्रेडिट फर्जीवाड़ा करने के लिए फर्जी बिल जारी करने वाली अन्य कंपनियों के लिए नकदी के प्रबंधन में संलिप्त पाया गया है।
यह गिरफ्तारी नकली बिलों के जरिए आईटीसी फर्जीवाड़े के इसी तरह के मामले में 12 नवंबर को गिरफ्तार किए गए हिसार के सतेंदर कुमार सिंघल के मामले में जांच के बाद की गयी है।
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