नयी दिल्ली/कोयम्बटूर/भोपाल, नौ दिसंबर तमिलनाडु के कुन्नूर के निकट हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जीवित बचे इकलौते व्यक्ति ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को बेहतर इलाज के लिए बृहस्पतिवार को वेलिंगटन से सुलूर के रास्ते बेंगलुरू ले जाया जा रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दुर्घटना के बाद गंभीर रूप से झुलसे ग्रुप कैप्टन को बुधवार को वेलिंगटन के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कोयम्बटूर में अधिकारिक सूत्रों ने भी ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को बेहतर इलाज के लिए बेंगलुरु ले जाये जाने की पुष्टि की है। सूत्रों ने यह भी बताया कि उनकी हालत गम्भीर बनी हुई है, लेकिन स्थिर है। उन्होंने आगे कहा कि ग्रुप कैप्टन सिंह का अभी तक तीन बार ऑपरेशन किया जा चुका है।
रुस निर्मित हेलीकॉप्टर एमआई- 17वी5 दुर्घटना में रक्षा प्रमुख अध्यक्ष (सीडीएस) बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और सशस्त्र बल के 11 कर्मियों की मौत हो गयी। इस हेलीकॉप्टर में ग्रुप कैप्टन सिंह देश के सर्वोच्च सैन्य अधिकारी जनरल रावत की वेलिंगटन में डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज की यात्रा के लिए सम्पर्क अधिकारी के तौर पर मौजूद थे। वह फिलहाल इसी प्रतिष्ठित कॉलेज में इंस्ट्रक्टर के रूप में कार्यरत हैं।
इससे पहले एक अधिकारी ने नयी दिल्ली में कहा, ‘‘ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की हालत अब भी गंभीर बनी हूई है और उन्हें बेंगलुरू के कमांड अस्पताल में ले जाने के लिए एक वाहन एम्बुलेंस द्वारा सुलूर ले जाया गया है, जहां से उन्हें बेंगलुरु ले जाया जाएगा।’’
उन्होंने सुलूर एयरबेस पर जनरल रावत की अगवानी की थी, जहां से दल हेलीकॉप्टर से वेलिंगटन की ओर जा रहा था।
इस बीच भोपाल निवासी ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के पिता कर्नल (सेवानिवृत्त) केपी सिंह ने फोन पर ‘पीटीआई-’ से बातचीत में कहा, ‘‘उन्हें (वरुण को) बेंगलुरु शिफ्ट (स्थानांतरित) किया जा रहा है। मैं वेलिंगटन पहुंच गया हूं।’’
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