एजेंसी न्यूज

हरित प्रमाणपत्रों की बिक्री मार्च में 79 प्रतिशत बढ़कर 8.38 लाख पहुंची

नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाणपत्र (आरईसी) बाजार आधारित उत्पाद है। नवीकरणी ऊर्जा स्रोत से एक मेगावाट घंटा बिजली पैदा होने पर एक आरईसी सृजित होता है। जो इकाइयां खुद स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में सीधे निवेश करने की स्थिति में नहीं होतीं वे इस प्रमाण पत्र में निवेश के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन घटाने के दायित्व को पूरा करती हैं।

हरित प्रमाणपत्रों की बिक्री मार्च में 79 प्रतिशत बढ़कर 8.38 लाख पहुंची
जमात

नयी दिल्ली, 12 अप्रैल नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाणपत्रों की बिक्री मार्च महीने में 79 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 8.38 लाख यूनिट पहुंच गयी। एक साल पहले इसी महीने में यह 4.68 लाख इकाई थी।

नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाणपत्र (आरईसी) बाजार आधारित उत्पाद है। नवीकरणी ऊर्जा स्रोत से एक मेगावाट घंटा बिजली पैदा होने पर एक आरईसी सृजित होता है। जो इकाइयां खुद स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में सीधे निवेश करने की स्थिति में नहीं होतीं वे इस प्रमाण पत्र में निवेश के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन घटाने के दायित्व को पूरा करती हैं।

आधिकारिक आंकड़े के अनुसार इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में मार्च महीने में 5.2 लाख आरईसी का कारोबार हुआ जबकि पिछले साल इसी महीने में यह संख्या 2.25 लाख थी।

पावर एक्सचेंज ऑफ इंडिया (पीएक्सआईएल) ने आलोच्य महीने में 3.18 लाख आरईसी की रिकार्ड बिक्री की जो मार्च 2019 में 2.43 लाख थी।

आईईएक्स और पीएक्सआईएल आरईसी और बिजली के कारोबार में लगे हैं। आरईसी का कारोबार हर महीने अंतिम बुधवार को होता है।

इंडियन एनर्जी एक्सचेंज के आंकड़े के अनुसार सौर ऊर्जा और दूसरे नवीकरणीय ऊर्जा से संबद्ध आरईसी की आपूति मांग के मुकाबले अधिक रही। खरीद के लिये इस साल मार्च में 6.93 लाख आरईसी के लिये बोलियां आयी जबकि बिक्री के लिये 26.84 लाख आरईसी उपलब्ध थी।

इसी प्रकार पीएक्सआईएल में खरीद के लिये 3.73 लाख आरईसी के लिये बोलियां आयीं जबकि बिक्री के लिये 5.59 लाख से अधिक यूनिट उपलब्ध थी।

नवीकरणीय ऊर्जा खरीद बाध्यता के तहत वितरण कंपनियों, सीधे उत्पादकों से बिजली खरीदने वाले ग्राहकों को कुछ आरईसी खरीदने होते हैं।

वे आरपीओ नियमों के लिये नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादकों से आरईसी खरीद सकते हैं। केंद्रीय और राज्य बिजली वितरण आयोग ने वितरण कंपनियों के लिये नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग का अनुपात तय कर रखा है।

आरईसी व्यवस्था बाजार आधारित उत्पाद है। इसका मकसद नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना और बाजार विकसित करना है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 12, 2020 06:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).