जरुरी जानकारी | सरकार कंपनियों के शीघ्र विलय के लिए प्रक्रियाओं को युक्तिसंगत बनाएगी

नयी दिल्ली, एक फरवरी सरकार कंपनियों के विलय की त्वरित मंजूरी के लिए आवश्यकताओं और प्रक्रियाओं को युक्तिसंगत बनाएगी और कारोबारी सुगमता को और बेहतर बनाने के प्रयासों के तहत फास्टट्रैक (तेज) विलय के दायरे को बढ़ाया जाएगा।

यह प्रस्ताव शनिवार को संसद में पेश 2025-26 के केंद्रीय बजट में दिया गया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “कंपनी विलय के लिए त्वरित मंजूरी की आवश्यकताओं और प्रक्रियाओं को युक्तिसंगत बनाया जाएगा। फास्ट-ट्रैक विलय के दायरे को भी बढ़ाया जाएगा और प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।”

मंत्री ने कहा कि सरकार अब विभिन्न कानूनों में 100 से अधिक प्रावधानों को अपराधमुक्त करने के लिए जन विश्वास विधेयक 2.0 लाएगी।

जन विश्वास अधिनियम 2023 में 180 से अधिक कानूनी प्रावधानों को अपराधमुक्त कर दिया गया।

साथ ही, संशोधित केंद्रीय केवाईसी रजिस्ट्री को 2025 में शुरू किया जाएगा। सीतारमण ने कहा, “हम समय-समय पर बदलने के लिए एक सुव्यवस्थित प्रणाली भी लागू करेंगे।”

भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) ने बजट को एक संतुलित और परिवर्तनकारी वित्तीय खाका बताया जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि, स्थिरता और समावेशी समृद्धि को बढ़ावा देना है।

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