देश की खबरें | सरकार करेगी विदेशी अंशदान विनियमन कानून में संशोधन, पंजीकरण के लिए जरूरी होगा आधार
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 20 सितंबर विदेशी अंशदान (नियमन) कानून (एफसीआरए) में संशोधन किया जाना है, जिसके तहत किसी भी एनजीओ के पंजीकरण के लिए पदाधिकारियों के आधार नंबर जरूरी होंगे और लोक सेवक के विदेशों से रकम हासिल करने पर पाबंदी होगी।

विदेशी अंशदान विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2020 रविवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा जिसमें प्रावधान है कि केंद्र किसी एनजीओ या एसोसिएशन को अपना एफसीआरए प्रमाणपत्र वापस करने की अनुमति दे सकेगा।

यह भी पढ़े | Attack On the Chair of Dy Chairman: उपसभापति की कुर्सी पर हमले पर बोलीं स्मृति ईरानी- क्या यह देश की राजनीति के लिए उचित है?.

मसौदा विधेयक में कहा गया है कि कुल विदेशी कोष का 20 प्रतिशत से ज्यादा प्रशासनिक खर्चे में इस्तेमाल नहीं होना चाहिए । वर्तमान में यह सीमा 50 प्रतिशत है ।

विधेयक के उद्देश्य और कारणों के बारे में बयान में कहा गया है, ‘‘विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 को लोगों या एसोसिएशन या कंपनियों द्वारा विदेशी योगदान के इस्तेमाल को नियमित करने के लिए लागू किया गया था। राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि के लिए विदेशी योगदान को लेने या इसके इस्तेमाल पर पाबंदी है।’’

यह भी पढ़े | कोरोना के दिल्ली में 3812 नए केस, 37 की मौत: 20 सितंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

मसौदे में कहा गया है कि कानून एक मई 2011 को लागू हुआ था और दो बार इसमें संशोधन हुआ । वित्त अधिनियम, 2016 की धारा 236 के जरिए पहला संशोधन हुआ और वित्त कानून, 2018 की धारा 220 से दूसरा संशोधन हुआ ।

इसमें कहा गया है कि हर साल हजारों करोड़ों रुपये के विदेशी योगदान के इस्तेमाल और समाज कल्याण के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए संशोधन किया जाना जरूरी है ।

मसौदा विधेयक में कहा गया है कि एफसीआरए के तहत पूर्व अनुमति या पंजीकरण अथवा एफसीआरए के लाइसेंस नवीनीकरण का अनुरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को अब अपने सभी पदाधिकारियों या निदेशकों के आधार नंबर देने होंगे, विदेशी नागरिक होने की स्थिति में पासपोर्ट की एक प्रति या ओसीआई कार्ड की प्रति देना जरूरी होगा ।

इसमें ‘लोक सेवक’ और ‘सरकार या इसके नियंत्रण वाले निगम’ को ऐसी इकाइयों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है, जो विदेशी अनुदान हासिल करने के योग्य नहीं होंगे।

एफसीआरए के तहत पंजीकृत एनजीओ को 2016-17 और 2018-19 के बीच 58,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का विदेशी अनुदान मिला ।

देश में करीब 22,400 एनजीओ हैं ।

आशीष नरेश

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)