नयी दिल्ली, सात फरवरी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद दानिश अली ने मंगलवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि सरकार ‘विपक्ष मुक्त भारत’ और ‘मुस्लिम मुक्त विधायिका’ चाहती है।
उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए अली ने यह भी कहा कि देश की एक बड़ी आबादी को ‘दोयम दर्जे का नागरिक’ नहीं बनाया जा सकता।
अली ने कहा, ‘‘इस अभिभाषण में बेरोजगारी की कोई बात नहीं की गई।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में सिर्फ अडाणी का विकास हुआ है।
अली ने का कहना था कि उत्तर प्रदेश में गन्ना खरीद का मूल्य तय नहीं हुआ है।
बसपा सांसद ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता मोहम्मद फैजल को अदालतों द्वारा दोषी करार दिए जाने के मामलों का हवाला देते हुए दावा किया कि सरकार ‘विपक्ष मुक्त भारत’ के साथ ‘मुस्लिम मुक्त विधायिका’ चाहती है।
उन्होंने कहा, ‘‘संसद भवन से दो किलोमीटर दूर रोजाना नफरत भरे भाषण होते हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।’’
अली ने सांसद ने कहा, ‘‘आपको अपना कोई इतिहास नहीं है, सिर्फ दूसरों का इतिहास बदलना चाहते हैं।’’
हक
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY