नयी दिल्ली, 16 मार्च लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य निशिकांत दुबे ने सरकार से मांग की कि एक समिति बनाकर कांग्रेस के शासनकाल के दौरान देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हनन संबंधी विषय पर ‘श्वेत-पत्र’ जारी करके जनता को इसकी जानकारी दी जाए।
निचले सदन में शून्यकाल में निशिकांत दुबे ने कहा कि देश में संविधान है और अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि 14 अगस्त 1947 को भारत का विभाजन हुआ तब देश के नागरिकों को यह पता चलना चाहिए कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस की इसमें क्या भूमिका थी ।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि ‘‘ये लोग (कांग्रेस) तिब्बत के इतिहास को मिटाना चाहते हैं, 1962 के इतिहास को भूलना चाहते हैं, आपातकाल और कश्मीर के इतिहास को भी भूलना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा सरकार से आग्रह है कि एक समिति बनाई जाए और कांग्रेस के शासनकाल में किस तरह से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन किया गया, इसके बारे में श्वेत-पत्र जारी करके देश की जनता को जानकारी दी जाए।’’
दुबे ने यह भी कहा कि फेसबुक, ट्विटर प्रकाशक है या मध्यवर्ती संस्था, इस बारे में अभी तय नहीं हुआ है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY