देश की खबरें | सरकार ने एलजीबीटीक्यूआई नीतियों पर जनता से सुझाव मांगा

नयी दिल्ली, एक सितंबर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने एलजीबीटीक्यूआई समुदाय से संबंधित नीतियों की समावेशिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए हितधारकों और आम जनता से सुझाव मांगे हैं।

‘सुप्रिया बनाम भारत संघ’ मामले में अक्टूबर 2023 में उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद सरकार ने एलजीबीटीक्यूआई समुदाय के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुपालन में सरकार ने एलजीबीटीक्यूआई समुदाय के लिए अधिकारों के दायरे को परिभाषित और स्पष्ट करने के लिए कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

अप्रैल 2024 में गठित इस समिति में गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रमुख अधिकारी शामिल हैं, जबकि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव इसके सदस्य संयोजक हैं।

समिति ने राशन कार्ड जारी करने, समलैंगिक व्यक्तियों को अपने साथियों के साथ संयुक्त बैंक खाते खोलने की अनुमति देने तथा लैंगिक पहचान और यौन रुझान के आधार पर उत्पीड़न की रोकथाम जैसे मुद्दों पर विचार करने के लिए मई 2024 में एक बैठक की थी।

इन चर्चाओं के परिणामस्वरूप, कई मंत्रालयों ने एलजीबीटीक्यूआई समुदाय के समावेशन और संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए पहले ही परामर्श जारी कर दिए हैं।

सरकार ने एलजीबीटीक्यूआई समुदाय की सहायता के लिए उठाए जा सकने वाले अन्य कदमों को लेकर अब जनता से सुझाव व प्रतिक्रिया मांगी है।

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