जरुरी जानकारी | सरकार ने घरेलू रॉक फास्फेट उत्पादन में तेजी लाने की योजना तैयार की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. महंगी कच्ची उर्वरक सामग्री के आयात पर भारत की निर्भरता को कम करने के लिए, केंद्र ने सोमवार को कहा कि उसने देश में उपलब्ध रॉक फॉस्फेट भंडार की खोज और खनन में तेजी लाने के लिए एक कार्य योजना तैयार की है।
नयी दिल्ली, 28 जून महंगी कच्ची उर्वरक सामग्री के आयात पर भारत की निर्भरता को कम करने के लिए, केंद्र ने सोमवार को कहा कि उसने देश में उपलब्ध रॉक फॉस्फेट भंडार की खोज और खनन में तेजी लाने के लिए एक कार्य योजना तैयार की है।
उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में यहां हुई बैठक में अंशधारकों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की गई।
रॉक फॉस्फेट, डाई-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) और एनपीके उर्वरक बनाने में उपयोग किया जाने वाला प्रमुख कच्चा माल है।
बैठक में मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि उर्वरक विभाग रॉक फॉस्फेट के मामले में , भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक कार्य योजना के साथ तैयार है। रॉक फॉस्फेट, डीएपी और एनपीके उर्वरकों का प्रमुख कच्चा माल है।’’
एक सरकारी बयान के अनुसार, 'स्वदेशी संसाधनों' के माध्यम से भारत को उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है, उन्होंने कहा कि भारत निश्चित रूप से आने वाले समय में उर्वरकों में आत्मनिर्भर होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मंत्री ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में उपलब्ध मौजूदा 30 लाख टन फॉस्फोराइट खनिज का उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि संभावित पोटाश अयस्क संसाधन राजस्थान के सतीपुरा, भरूसारी और लखासर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में हैं।
इसके अलावा, मंत्री ने कहा कि संभावित भंडार का खनन जल्द से जल्द शुरू करने के लिए सभी विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 28, 2021 10:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

