इस्लामाबाद, 29 मई पाकिस्तान में शुकवार को कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 64,000 के पार चले जाने के बावजूद एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा है कि सरकार ने इस महामारी का मुकाबला करने के लिए सख्त लॉकडाउन लगाने का निर्णय नहीं लिया है ।
सूचना मंत्री शिबली फराज ने कहा कि सरकार अस्पतालों में स्थिति को लेकर संतुष्ट है।
उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि कुछ अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं लेकिन कुल मिला कर स्थिति ‘संतोषजनक’ है।
मंत्री ने डॉन अखबार से कहा कि कुछ अस्पतालों में बोझ ज्यादा है क्योंकि लोगों में मुख्य एवं प्रसिद्ध अस्पतालों में पहुंचने की प्रवृति होती है।
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फराज ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि फिलहाल देश में 404 गंभीर मरीज हैं जिनमें 161 जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं, इसका तात्पर्य है कि गंभीर मरीजों के लिए अब भी उनके पास बड़ी संख्या में जीवन रक्षक प्रणालियां हैं।
उन्होंने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि ‘ हम मुश्किल स्थिति में नहीं हैं और हमारे पास उपयुक्त सुविधाएं भी हैं।’’
मंत्री ने कहा कि पहले कोविड-19 के जितने मरीजों का अनुमान था, वर्तमान में उससे कम मरीज हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 2,636 नये मरीज सामने आने के साथ ही देश में इस महामारी के मामले बढ़ कर 64,028 हो गये। पिछले 24 घंटे में 57 मरीजों की मौत के साथ ही इस महामारी से अब तक देश में 1317 लोगों की जान जा चुकी है।
एक सवाल के जवाब के दौरान मंत्री ने मानक संचालन प्रक्रिया का लोगों द्वारा
उल्लंघन किए जाने पर चिंता तो प्रकट की लेकिन कहा कि देश में कड़े लॉकडाउन की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि 15 करोड़ से अधिक निर्धन आबादी वाले देश में लॉकडाउन अधिक समय तक नहीं रह सकता है।
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