नयी दिल्ली, दो जून सरकार ने इस्पात जैसे गैर-नियमित क्षेत्रों के लिये नीलामी में मंजूर कोयले की व्यवस्था के तहत कोकिंग कोयले की आपूर्ति की अवधि 30 साल तक बढ़ा दी है।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कोल इंडिया प्रचूर मात्रा में उपलब्ध घरेलू कोयले को लेकर गैर-नियमित क्षेत्रों से संपर्क कर रही है।
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कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया को सोमवार को लिखे पत्र में कहा, ‘‘सरकार ने गैर-नियमित क्षेत्रों को लेकर कोकिंग कोयले की व्यवस्था के लिये संशोधित अवधि को मंजूरी दे दी है। इसके तहत गैर-नियमित क्षेत्र के लिये कोकिंग कोल की व्यवस्था की नीलामी के तहत 30 साल तक की मंजूरी दी जा सकती है।’’
नीति के तहत नये ईंधन आपूति समझौते की अवधि अधिकतम 15 साल हो सकती है।
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मंत्रालय के अनुसार इस प्रकार, गैर-नियमित क्षेत्रों के लिये कोयला व्यवस्था नीलामी की नीति को संशोधित किया जाता है।
देश में एक तरफ घरेलू कोयला प्रचूर मात्रा में उपलब्ध है, वहीं दूसरी तरफ इस ईंधन की मांग कम है।
घरेलू बाजार में कोयले की मांग बढ़ाने को लेकर सरकार ने कुछ उपायों की घोषणा की है।
कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने हाल में राज्य के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कोयला का आयात नहीं करने और उसे कोल इंडिया से लेने को कहा था।
केंद्र ने एनटीपीसी, टाटा पावर, रिलायंस पावर जैसी बिजली उत्पादक कंपनियों से मिश्रण के लिये कोयले का आयात कम करने और उसकी जगह घरेलू कोयले का उपयोग करने को कहा है।
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