नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर रक्षा मंत्रालय ने मृत रक्षाकर्मियों के परिजनों के लिए बढ़ी हुई साधारण पारिवारिक पेंशन (ईओएफपी) के वास्ते लगातार सात साल की न्यूनतम सेवा जरूरत को समाप्त कर दिया है।
मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी।
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बयान में कहा गया कि ईओएफपी रक्षाकर्मी के पिछले वेतन का 50 प्रतिशत होती है और यह सेवा के दौरान कर्मी की मृत्यु की तारीख से 10 साल के लिए देय होती है।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘लगातार सात साल की सेवा जरूरत (ईओएफपी प्राप्त करने के लिए) एक अक्टूबर 2019 से खत्म कर दी गई है।’’
इसने उल्लेख किया कि यदि नौकरी छोड़ने, सेवानिवृत्ति, सेवामुक्ति के बाद सेवाकर्मी की मृत्यु हो जाती है तो उसकी मौत से सात साल तक के लिए या उस समय तक जब कर्मी 67 साल का होता, जो भी पहले हो, तक के लिए ईओएफपी दी जाती है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि जिन रक्षा कर्मियों की मृत्यु लगातार सात साल की सेवा होने से पूर्व एक अक्टूबर 2019 से पहले 10 साल के भीतर हुई है, उनके परिजनों को अब ईओएफपी मिलेगी।
अब तक रक्षा बलों के कर्मियों के परिजनों को ईओएफपी देने के लिए संबंधित रक्षाकर्मी की लगातार सात साल की सेवा पूरी होने का नियम था, लेकिन अब यह जरूरत समाप्त कर दी गई है।
बढ़ी हुई साधारण पारिवारिक पेंशन (ईओएफपी) जहां सशस्त्र बल के कर्मी के पिछले वेतन की 50 प्रतिशत है, वहीं साधारण पारिवारिक पेंशन (ओएफपी) कर्मी के पिछले वेतन की 30 प्रतिशत होती है।
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