नयी दिल्ली, 18 दिसंबर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा से विपक्षी दलों के 33 और सदस्यों को निलंबित किए जाने के बाद सोमवार को सरकार पर लोकतांत्रिक मानदंडों को कूड़ेदान में डालने का आरोप लगाया और दावा किया कि अब सरकार विपक्ष विहीन संसद में बिना किसी चर्चा के महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करवा सकती है।
लोकसभा में तख्तियां लेकर हंगामा करने के कारण कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी समेत कुल 33 सदस्यों को सोमवार को सदन से निलंबित कर दिया गया। इनमें से 30 सदस्यों को मौजूदा शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए और तीन सदस्यों को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक निलंबित किया गया है। कुछ दिन पहले ही लोकसभा के 13 सदस्यों और राज्यसभा के एक सदस्य का निलंबन हुआ था।
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘सबसे पहले कुछ लोगों ने संसद पर हमला किया। फिर मोदी सरकार संसद और लोकतंत्र पर हमला कर रही है। निरंकुश मोदी सरकार द्वारा 47 सांसदों को निलंबित करके सभी लोकतांत्रिक मानदंडों को कूड़ेदान में डाला जा रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी दो सरल और वास्तविक मांगें हैं - केंद्रीय गृह मंत्री को संसद की सुरक्षा में अक्षम्य चूक पर संसद के दोनों सदनों में बयान देना चाहिए और इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।’’
खरगे ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री किसी अखबार को साक्षात्कार दे सकते हैं, गृह मंत्री टीवी चैनलों को साक्षात्कार दे सकते हैं। लेकिन उनकी उस संसद के प्रति कोई जवाबदेही नहीं बची है - जो भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करती है!’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘विपक्ष विहीन संसद के साथ मोदी सरकार अब बिना किसी चर्चा के महत्वपूर्ण लंबित कानूनों को पारित कर सकती है, विरोध की आवाज कुचल सकती है।’’
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