देश की खबरें | सरकार ने परास्नातक आयुर्वेद चिकित्सकों को ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण देने की अनुमति दी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 22 नवंबर केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है जिसके तहत आयुर्वेद के विशिष्ट क्षेत्र में परास्नातक चिकित्सकों को ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण देने की अनुमति दी गई है ताकि वे सामान्य ट्यूमर, गैंग्रीन का विच्छेदन और नाक तथा मोतियाबिंद का ऑपरेशन कर सकें।

गैंग्रीन एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर के ऊतक नष्ट होने लग जाते हैं। यह मुख्य रूप से चोट, संक्रमण या किसी अन्य समस्या के कारण शरीर के किसी भाग में खून नहीं जा पाने के कारण होता है।

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आयुष मंत्रालय के तहत आने वाली वैधानिक संस्था भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (सीसीआईएम) की ओर से जारी अधिसूचना में 39 सामान्य ऑपरेशन प्रक्रियाओं और करीब 19 प्रक्रियाओं की सूची हैं जिनमें आंख, कान, नाक, गला आदि हैं। इसके लिए भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (परास्नातक आयुर्वेद शिक्षा), नियमन 2016 में संशोधन किया गया है।

अधिसूचना के मुताबिक, पढ़ाई के दौरान शल्या और शल्क्य में पीजी कर रहे छात्रों को ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि सीसीआईएम की अधिसूचना नीति में किसी तरह का बदलाव का सूचक नहीं है या कोई नया फैसला नहीं है।

उन्होंने कहा कि अधिसूचना आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए ऑपरेशन के सभी क्षेत्रों को नहीं खोलती है, बल्कि उन्हें कुछ विशिष्ट चीजों का ऑपरेशन करने की अनुमति देती है।

कोटेचा ने स्पष्ट किया परास्नातक करने वाले सभी चिकित्सकों को ऑपरेशन करने की इजाजत नहीं है, बल्कि जिन्होंने शल्य और शल्क्य में परास्नातक किया है, सिर्फ वे ही ये ऑपरेशन कर सकेंगे।

सीसीआईएम के संचालक मंडल के प्रमुख वैद्य जयंत देवपुजारी ने स्पष्ट किया कि आयुर्वेदिक संस्थानों में 20 साल से ऑपरेशन होते आए हैं और अधिसूचना उन्हें कानूनी जामा पहनाती है।

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