नयी दिल्ली, 21 अप्रैल गूगल ने एंड्रॉइड टीवी खंड में कथित रूप से अनुचित व्यापार व्यवहार से संबंधित करीब चार साल पुराने एक मामले में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के साथ समझौता किया है।
प्रौद्योगिकी कंपनी ने इस संबंध में नियामक को 20.24 करोड़ रुपये की निपटान राशि का भुगतान किया है।
साथ ही गूगल ने विक्रेताओं के साथ अपने समझौते को संशोधित करने पर भी सहमति जताई है।
यह संशोधित प्रतिस्पर्धा अधिनियम के तहत निपटाया गया पहला मामला है। इसके तहत 2023 में निपटान और प्रतिबद्धता से जुड़े प्रावधान लाए गए थे।
शिकायत मिलने के बाद, सीसीआई ने 2021 में विस्तृत जांच का आदेश दिया था।
सोमवार को निपटान आदेश ऐसे समय में आया, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा शुरू की है।
बाद में गूगल ने मामले को निपटाने का प्रस्ताव रखा और सीसीआई ने इस पर विचार करते हुए कहा कि ‘न्यू इंडिया एग्रीमेंट’ के तहत गूगल भारत में एंड्रॉइड स्मार्ट टीवी के लिए प्ले स्टोर और प्ले सेवाओं के लिए एक एकल लाइसेंस देगी। इससे इन सेवाओं को दूसरी सेवाओं के साथ जोड़ने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
इससे पहले भी गूगल सीसीआई की जांच के दायरे में आई थी और उसके खिलाफ एंड्रॉइड ओएस और प्ले स्टोर बिलिंग मामलों में आदेश पारित किए गए थे।
नियामक गूगल के खिलाफ दो अन्य मामलों की जांच भी कर रहा है। इनमें एक मामला डिजिटल समाचार प्रकाशकों/ विज्ञापन तकनीक से संबंधित है और दूसरा प्ले स्टोर पर कथित रूप से अत्यधिक बिलिंग से संबंधित है।
नियामक की जांच इकाई ने पाया कि भारत के स्मार्ट टीवी बाजार में एंड्रॉइड स्मार्ट टीवी ओएस की उल्लेखनीय हिस्सेदारी है।
सीसीआई ने कहा कि गूगल समझौते के तहत गूगल टीवी सेवाओं के ऐप समूह को पहले से इंस्टॉल करने की शर्त लगाई गई थी। इससे नवाचार को बाधा पहुंची।
नियामक ने कहा कि इसमें यूट्यूब जैसी सेवाओं को प्ले स्टोर के साथ जोड़कर गूगल के बाजार प्रभूत्व को मजबूत किया गया और अधिनियम की धारा-4 के कई प्रावधानों का उल्लंघन किया गया।
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