पणजी, 13 अक्टूबर गोवा के आबकारी आयुक्त ने राज्य में उस विवादास्पद रेस्तरां को लाइसेंस जारी करने के संबंध में बृहस्पतिवार को अंतिम दलीलें सुनीं, जिसका संबंध कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के परिवार से बताया था।
मामले में शिकायतकर्ता वकील-कार्यकर्ता एरेस रोड्रिग्स ने कहा कि इस मामले में अंतिम दलीलें गोवा के आबकारी आयुक्त नारायण गाड ने सुनीं और आदेश 20 अक्टूबर को सुनाया जाएगा। रोड्रिग्स ने एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उत्तरी गोवा के असगाओ में रेस्तरां-‘सिली सोल्स कैफे एंड बार’ को संचालित करने का लाइसेंस अवैध रूप से प्राप्त किया गया था और इसे इस साल उस व्यक्ति के नाम पर नवीनीकृत किया गया था, जिसकी मौत पिछले साल हो गई थी।
मामले की पहली सुनवाई 29 जुलाई को हुई थी। रोड्रिग्स ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि एंथनी डी गामा के नाम पर रेस्तरां के आबकारी लाइसेंस का नवीनीकरण कराया गया था, हालांकि एक साल पहले ही उसकी मृत्यु हो गई थी।
रोड्रिग्स ने कहा, ‘‘मामले में अंतिम दलीलें सुनी गईं। मैंने आबकारी आयुक्त को बताया कि एंथनी डी गामा के नाम पर आबकारी लाइसेंस अवैध रूप से जारी किया गया था।’’
डी गामा परिवार की तरफ से पेश वकील बेनेडिक्ट नाजरथ ने कहा कि दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी दलीलें पेश की हैं और अब यह आबकारी आयुक्त पर है कि वह इस मामले पर फैसला करे। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक जीवंत लोकतंत्र में हैं। हम कानून के शासन में विश्वास करते हैं। उन्होंने अपना काम किया है, मैंने अपना काम किया है। कलम (निर्णय) अब आयुक्त के हाथ में है।’’
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि ईरानी की बेटी का संबंध रेस्तरां से है। ईरानी ने आरोपों को खारिज किया था। ईरानी की बेटी के वकील ने पूर्व में कहा था कि उनकी मुवक्किल न तो रेस्तरां की मालिक हैं और न ही वह रेस्तरां संचालित करती हैं।
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